State

अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता सप्ताह: भोपाल मंडल ने शुरू किया विशेष सुरक्षा अभियान, सड़क उपयोगकर्ताओं को किया जागरूक

भोपाल। रेल और सड़क यातायात के बीच सुरक्षित समन्वय सुनिश्चित करने तथा समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता दिवस के अवसर पर एक सप्ताह का विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। यह अभियान 6 जून से 12 जून 2026 तक मंडल के विभिन्न रेलवे समपार फाटकों पर संचालित किया जाएगा।

रेल प्रशासन का मानना है कि अधिकांश समपार दुर्घटनाएं तकनीकी खामियों से नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। इसी कारण इस वर्ष अभियान का मुख्य फोकस सड़क उपयोगकर्ताओं में सुरक्षा व्यवहार विकसित करने पर रखा गया है।

कुंभराज से हुई अभियान की शुरुआत

अभियान के प्रथम दिन कुंभराज स्टेशन यार्ड स्थित समपार फाटक संख्या 91 बी-2 पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर यातायात निरीक्षक हलीम खान तथा स्टेशन प्रबंधक गजवी वैरबा ने सड़क उपयोगकर्ताओं को समपार सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 लोगों को समपार फाटक पर बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया गया तथा सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित कर नियमों के पालन का संदेश दिया गया।

क्यों जरूरी है समपार सुरक्षा?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार समपार फाटक पर कुछ सेकंड की जल्दबाजी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। कई मामलों में लोग बंद फाटक के नीचे से निकलने या फाटक बंद होने के बावजूद ट्रैक पार करने का प्रयास करते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

अभियान के दौरान नागरिकों को निम्न सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है—

बंद समपार फाटक को किसी भी स्थिति में पार न करें।

रेल लाइन पार करने से पहले दोनों दिशाओं में रेलगाड़ी की आवाजाही सुनिश्चित करें।

चेतावनी संकेतों और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

वाहन चलाते समय जल्दबाजी और जोखिमपूर्ण व्यवहार से बचें।

बच्चों और बुजुर्गों को समपार फाटकों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें।


बहुआयामी जागरूकता कार्यक्रम

मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग, परिचालन, सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग तथा रेलवे सुरक्षा बल संयुक्त रूप से यह अभियान चला रहे हैं।

जागरूकता बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशनों और समपार फाटकों पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त मंडल सांस्कृतिक अकादमी के कलाकार चयनित समपार फाटकों पर नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक करेंगे।

जनभागीदारी से ही कम होंगी दुर्घटनाएं

रेलवे प्रशासन का कहना है कि समपार फाटकों पर दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए केवल तकनीकी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए नागरिकों की जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है। यदि सड़क उपयोगकर्ता निर्धारित नियमों का पालन करें और कुछ क्षण धैर्य रखें, तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

रेल प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि समपार फाटकों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें, रेलवे संकेतों की अनदेखी न करें और सुरक्षित यात्रा संस्कृति को बढ़ावा देने में सहयोग दें। इससे न केवल उनकी स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि रेल और सड़क यातायात दोनों अधिक सुरक्षित बन सकेंगे।

Related Articles