भोपाल। रेलवे और सड़क यातायात के बीच होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने तथा लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता सप्ताह के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 6 जून से 12 जून तक आयोजित इस अभियान के तीसरे दिन भी विभिन्न रेलवे समपार फाटकों पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश समपार दुर्घटनाएं सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी के कारण होती हैं। ऐसे में जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
चार प्रमुख स्टेशनों पर चलाया गया विशेष अभियान
अभियान के तहत भोपाल मंडल के विभिन्न रेलवे फाटकों पर संरक्षा विभाग की टीमों ने सड़क उपयोगकर्ताओं से सीधे संवाद किया और उन्हें सुरक्षा नियमों की जानकारी दी।
मिसरोद स्टेशन पर जागरूकता कार्यक्रम
मिसरोद स्टेशन के समपार फाटक संख्या 246 पर सुरक्षा पंपलेट वितरित किए गए और वाहन चालकों तथा स्थानीय नागरिकों को समपार फाटक पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने लोगों को बंद फाटक के नीचे या किनारे से निकलने के जोखिमों से अवगत कराया।
हरदा और खिरकिया में सुरक्षा संवाद
हरदा स्टेशन के समपार फाटक संख्या 204 तथा खिरकिया स्टेशन के समपार फाटक संख्या 196 पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं को ट्रेन की गति, दृश्यता संबंधी चुनौतियों और समपार फाटक पर प्रतीक्षा करने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
रुठियाई में भी लोगों को किया गया जागरूक
रुठियाई स्टेशन के समपार फाटक संख्या 71 पर भी विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए सुरक्षित रेल और सड़क यातायात के लिए सहयोग करने का संदेश दिया गया।
क्यों महत्वपूर्ण हैं समपार फाटक सुरक्षा नियम?
विशेषज्ञों के अनुसार समपार फाटक ऐसे संवेदनशील स्थान होते हैं जहां सड़क और रेल यातायात एक-दूसरे को काटते हैं। कई बार वाहन चालक समय बचाने के प्रयास में बंद फाटक को पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
रेलवे सुरक्षा नियमों के अनुसार—
बंद समपार फाटक को कभी पार नहीं करना चाहिए।
चेतावनी संकेतों और लाल बत्ती का पालन करना आवश्यक है।
फाटक खुलने तक निर्धारित स्थान पर ही प्रतीक्षा करनी चाहिए।
पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को भी समान सावधानी बरतनी चाहिए।
रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करने से बचना चाहिए।
जागरूकता से कम हो सकती हैं दुर्घटनाएं
रेलवे प्रशासन का कहना है कि समपार फाटक दुर्घटनाओं को केवल तकनीकी उपायों से नहीं, बल्कि जनजागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी के माध्यम से भी प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता सप्ताह के दौरान पंपलेट वितरण, काउंसिलिंग और प्रत्यक्ष संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
रेलवे ने नागरिकों से किया सहयोग का आग्रह
पश्चिम मध्य रेलवे ने सभी वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे समपार फाटकों पर निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें। रेलवे का मानना है कि सुरक्षित रेल संचालन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से ही संभव है।
अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता सप्ताह के तहत चलाया जा रहा यह अभियान सड़क और रेल सुरक्षा के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता सप्ताह: भोपाल मंडल ने सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा नियमों के प्रति किया जागरूक
