इंदौर। भवन निर्माण की स्वीकृति में अनियमितताओं के खिलाफ इंदौर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में गलत तरीके से भवनों के नक्शे स्वीकृत कराने की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने तीन कंसल्टेंट/इंजीनियर के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें निगम में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और अपर आयुक्त प्रखर सिंह के निर्देश पर निगम क्षेत्र में ऐसे भवनों की जांच की जा रही है, जिन्हें डीम्ड स्वीकृति प्राप्त हुई है। जांच में यह देखा जा रहा है कि भवन निर्माण की स्वीकृति नियमानुसार ली गई है या नहीं और निर्धारित शुल्क जमा किया गया है या नहीं।
तीन कंसल्टेंट के खिलाफ कार्रवाई
नगर निगम ने जांच के बाद निम्न तीन कंसल्टेंट/इंजीनियर के लाइसेंस निरस्त कर निगम में कार्य करने से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की है—
1. जसपाल पाटीदार
2. अतुल त्रिवेदी
3. सुनील कुमावत
निगम के अनुसार इनसे जुड़े मामलों में गलत स्वीकृति दिए जाने की पुष्टि हुई है।
भवन मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
नगर निगम ऐसे भवन मालिकों को भी चिन्हित कर रहा है, जिन्होंने गलत तरीके से स्वीकृति प्राप्त की है या नियमानुसार शुल्क जमा नहीं किया है। ऐसे भवनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
निगम अधिकारियों के मुताबिक डीम्ड स्वीकृति वाले भवनों की जांच आगे भी जारी रहेगी। साथ ही गलत तरीके से भवन स्वीकृति कराने वाले अन्य कंसल्टेंट और इंजीनियरों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
