एम्स भोपाल में इग्नू के जेरियाट्रिक मेडिसिन डिप्लोमा का संपर्क कार्यक्रम संपन्न, प्रतिभागियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

एम्स भोपाल में इग्नू के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जेरियाट्रिक मेडिसिन (PGDGM) का प्रथम संपर्क कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रतिभागियों को वृद्धावस्था चिकित्सा से जुड़ा अकादमिक और क्लीनिकल प्रशिक्षण दिया गया।
भोपाल। एम्स भोपाल के अस्पताल प्रशासन विभाग ने 27 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जेरियाट्रिक मेडिसिन (PGDGM) के विद्यार्थियों के लिए प्रथम संपर्क कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वृद्धावस्था चिकित्सा (जेरियाट्रिक मेडिसिन) के क्षेत्र में अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिक क्लीनिकल प्रशिक्षण प्रदान करना था।
12 प्रतिभागियों को मिला बहुविषयक प्रशिक्षण
देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 12 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अकादमिक व्याख्यान, बेडसाइड क्लीनिकल प्रदर्शन, केस चर्चा और एम्स भोपाल के विभिन्न विभागों में प्रेक्षणात्मक (ऑब्जर्वेशनल) प्रशिक्षण का अवसर मिला।
इन विभागों की रही महत्वपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में कई विभागों के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया, जिनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा, मनोचिकित्सा, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग विभाग शामिल हैं।
विशेषज्ञों ने वृद्धावस्था में होने वाली बीमारियों, मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं, सामुदायिक देखभाल और बहुविषयक उपचार पद्धति पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।
जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम का आयोजन अस्पताल प्रशासन विभागाध्यक्ष एवं इग्नू लर्नर सपोर्ट सेंटर के समन्वयक डॉ. लक्ष्मी प्रसाद के मार्गदर्शन में किया गया। सभी सत्रों का समन्वय अस्पताल प्रशासन विभाग के एमएचएम छात्र आनंद कुमार ने किया।
एम्स भोपाल के अनुसार, इस कार्यक्रम से जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने और गुणवत्तापूर्ण अकादमिक एवं क्लीनिकल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।





