भोपाल, 30 जुलाई। मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में सड़क खराब मिलेगी, वहां संबंधित कार्यपालन यंत्री की जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वल्लभ भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं की कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता, औचक निरीक्षण, बिटुमेन भुगतान, प्रशिक्षण, ग्रीन बिल्डिंग और रोड नेटवर्क मास्टर प्लान सहित कई विषयों की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले स्थानों की प्राथमिकता से मरम्मत कराई जाए ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को सड़क श्रेणियों के युक्तियुक्तकरण का प्रस्ताव 3 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बिटुमेन के सभी देयकों का 100 प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि वास्तविक आपूर्ति और अभिलेखों के मिलान के बिना किसी भी भुगतान की अनुमति नहीं होगी। बिना सत्यापन भुगतान पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ राशि की वसूली भी की जाएगी।
मंत्री राकेश सिंह ने औचक निरीक्षण में दोषी पाए गए ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग में देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
बैठक में वर्ष 2026 में प्रस्तावित 510 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण की प्रगति, प्रशिक्षण कार्यक्रम, ग्रीन बिल्डिंग मानकों, डिजिटल मॉड्यूल और रोड नेटवर्क मास्टर प्लान की भी समीक्षा की गई।
लोकपथ ऐप की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सड़क संबंधी प्राप्त 99 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि विभागीय निर्देशों का प्रभाव केवल फाइलों में नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भी दिखाई देना चाहिए।
