भोपाल रेल कोच कारखाने का शानदार प्रदर्शन: मई में 94 और अप्रैल में 96 कोचों का ओवरहॉलिंग कार्य पूरा

भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना (कोच फैक्ट्री) भोपाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत प्रभावशाली उपलब्धि के साथ की है। कारखाने ने अप्रैल और मई माह के दौरान कुल 190 यात्री कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर रेलवे सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन और वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी में अनुरक्षण डिपो ने अप्रैल माह में 96 तथा मई माह में 94 कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग कार्य पूरा किया। यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यकुशलता और तकनीकी दक्षता का परिचायक मानी जा रही है।
रेलवे सुरक्षा का अहम आधार है पीरियोडिक ओवरहॉलिंग
भारतीय रेल में पीरियोडिक ओवरहॉलिंग केवल नियमित मरम्मत प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यात्री सुरक्षा और ट्रेनों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण चरण है। निर्धारित समयावधि के बाद प्रत्येक कोच की विस्तृत तकनीकी जांच और मरम्मत की जाती है ताकि परिचालन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
भोपाल कारखाने में ओवरहॉलिंग के दौरान कोचों की संरचना, बोगी, ब्रेकिंग सिस्टम, पहियों और अन्य सुरक्षा संबंधी उपकरणों का गहन निरीक्षण एवं आवश्यक मरम्मत की जाती है।
ओवरहॉलिंग के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कार्य
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार पीओएच प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य शामिल होते हैं, जिनमें—
कोच की बॉडी और अंडरगियर की मरम्मत कर संरचनात्मक मजबूती बढ़ाना।
ट्रॉली और बोगी के महत्वपूर्ण पुर्जों की जांच तथा मरम्मत।
एयर ब्रेक सिस्टम, बफर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण एवं रखरखाव।
व्हील और एक्सल की मरम्मत तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप निरीक्षण।
कोचों को झटका-रहित, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए तैयार करना।
इन कार्यों से न केवल दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है, बल्कि ट्रेनों की परिचालन क्षमता और विश्वसनीयता भी बढ़ती है।
पिछले वर्ष भी रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
भोपाल स्थित सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाने ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। पूरे वर्ष के दौरान कारखाने में कुल 1336 कोचों का अनुरक्षण और ओवरहॉलिंग कार्य किया गया, जो पश्चिम मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
टीम वर्क और तकनीकी दक्षता का परिणाम
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता सुनियोजित कार्ययोजना, आधुनिक अनुरक्षण तकनीकों और कर्मचारियों की टीम भावना का परिणाम है। कारखाना प्रबंधन ने समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि रेलवे नेटवर्क पर संचालित होने वाले कोच उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप रहें।
रेलवे के बढ़ते यात्री भार और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए भोपाल कोच कारखाने की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यहां किया जाने वाला अनुरक्षण कार्य देशभर में संचालित ट्रेनों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही में अहम योगदान देता है।



