भोपाल। भारतीय पुलिस सेवा संघ (मध्यप्रदेश) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित आईपीएस सर्विस मीट–2026 का भव्य शुभारंभ आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में गरिमामयी समारोह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण आयोजन की औपचारिक शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस की भूमिका को बताया अहम
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस के शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास और शांति के लिए सुदृढ़ कानून-व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है, और इस दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के प्रभावी उन्मूलन को मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में शांति, स्थिरता और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में पुलिस एवं सिविल सेवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिसकर्मियों के मनोबल और पदोन्नति पर बड़ा ऐलान
डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों के समर्पण और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि परिवार से दूर रहकर जनता की सुरक्षा करना उच्चतम कर्तव्यबोध का परिचायक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग में लंबित पदोन्नति मामलों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। साथ ही विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। साइबर अपराध नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बताईं पुलिस की उपलब्धियां
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2025 के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने डायल–112 सेवा, ई-जीरो एफआईआर प्रणाली, सेफ क्लिक अभियान, नशा मुक्ति अभियान, गुमशुदा बच्चों की दस्तयाबी और पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।उन्होंने विशेष रूप से उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ–2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया को मिलेगी गति
डीजीपी ने बताया कि कई कैडर में लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद नई भर्तियां की जा रही हैं, जिनमें उप निरीक्षक, सूबेदार, सहायक उप निरीक्षक (लिपिकीय) और स्टेनोग्राफर जैसे पद शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड को और सुदृढ़ किया जाएगा।
प्रेरणादायक व्याख्यान और दो दिवसीय आयोजन
उद्घाटन सत्र के बाद प्रतिष्ठित वक्ता श्री राजेश पंडित ने “Inside the Mind’s Eye” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया। यह दो दिवसीय आईपीएस सर्विस मीट 16–17 जनवरी 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रदेशभर के आईपीएस अधिकारी और उनके परिजन भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय, व्यावसायिक संवाद और पारिवारिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
आईपीएस सर्विस मीट–2026 का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना
