विधानसभा में गलत जानकारी पर सरकार का संशोधन वक्तव्य, जयवर्धन सिंह के सवाल के बाद शिक्षा मंत्री ने सुधारी जानकारी

भोपाल, 22 जुलाई। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सदन में पूर्व में दी गई गलत जानकारी को लेकर संशोधन वक्तव्य प्रस्तुत किया। यह कदम कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दे और विधानसभा की निर्धारित प्रक्रिया के बाद उठाया गया।
जयवर्धन सिंह के अनुसार, 30 जुलाई 2025 को विधानसभा में उनके तारांकित प्रश्न के उत्तर में स्कूल शिक्षा विभाग ने तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दी थी। उन्होंने इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और विधानसभा सचिवालय के समक्ष कई बार लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की जांच और स्पष्टीकरण की मांग की।
उन्होंने बताया कि बाद में नवंबर 2025 के विधानसभा सत्र में इसी विषय पर दोबारा प्रश्न पूछे जाने पर विभाग ने स्वीकार किया कि पहले दिया गया उत्तर त्रुटिपूर्ण था। इसके बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से नियमों के अनुसार मंत्री से सदन में संशोधन वक्तव्य दिलाने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय ने स्कूल शिक्षा विभाग से आवश्यक कार्रवाई कराई। इसके बाद विभाग की ओर से संशोधन वक्तव्य भेजा गया और मानसून सत्र 2026 के तीसरे दिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में औपचारिक रूप से पूर्व में दी गई जानकारी में संशोधन किया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सदन को सही, तथ्यपूर्ण और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभाग विधायकों के प्रश्नों के अधूरे, भ्रामक या गलत उत्तर दे रहे हैं, जो सदन की गरिमा और विधायकों के विशेषाधिकारों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल प्रश्न पूछना नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह बनाना भी है। उनके अनुसार, यदि सरकार या उसके विभाग सदन को गलत जानकारी देंगे तो कांग्रेस नियमों के तहत इस मुद्दे को उठाती रहेगी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का आभार भी व्यक्त किया कि मामले में नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की गई।





