भोपाल में फायर सेफ्टी सप्ताह की शुरुआत: सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई अग्नि सुरक्षा की ट्रेनिंग

भोपाल। जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में 21 से 26 अप्रैल तक फायर सेफ्टी सप्ताह मनाया जा रहा है। इस सप्ताह का उद्देश्य है अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को जांचना।
सप्ताह के पहले दिन, 21 अप्रैल को सीएमएचओ कार्यालय भोपाल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फायर सेफ्टी हैंड्सऑन ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण में इलेक्ट्रिकल फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकासी प्रक्रिया, और आग से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी साझा की गई। यह अभियान “Unite to Ignite, a Fire Safe India” थीम के तहत चलाया जा रहा है।
गर्मियों में बढ़ जाती है अग्निकांड की संभावना
ग्रीष्मकाल के दौरान तापमान में अत्यधिक वृद्धि, एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के ज़्यादा उपयोग से बिजली प्रणाली पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे अग्निकांड की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा इंतज़ामों की सघन जांच ज़रूरी हो जाती है।
अस्पतालों में विशेष रूप से हो रही परख
आईसीयू, एनआईसीयू, ऑपरेशन थिएटर जैसे ऑक्सीजन युक्त क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। इन क्षेत्रों में फायर रिस्पांस प्लान की उपलब्धता, ज्वलनशील पदार्थों का उचित निपटान, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं संचालन प्रक्रिया पर विशेष फोकस किया जा रहा है। साथ ही, अस्पतालों की बिस्तर क्षमता के अनुसार फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की उपस्थिति और उपकरणों के संचालन हेतु यूजर मैन्युअल की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है।
सभी अस्पतालों को दिए गए निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने जानकारी दी कि सभी अस्पतालों को नगर निगम और जिला विद्युत सुरक्षा अधिकारियों के समन्वय से फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में मॉक ड्रिल, फायर सेफ्टी उपकरणों का निरीक्षण, दस्तावेज़ों की भौतिक जांच और आपातकालीन परिस्थितियों में पालन की जाने वाली प्रक्रियाओं का उन्मुखीकरण किया जा रहा है।
फायर सेफ्टी सप्ताह के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भोपाल जिले के सभी सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों, जिससे किसी भी आकस्मिक घटना से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।





