ग्वालियर के दिव्यांग खिलाड़ी रोहित सिंह ने पैरा आर्म रेसलिंग कप 2025 में देश को दिलाया गौरव, स्वर्ण सहित तीन पदक किए अपने नाम

ग्वालियर (मध्यप्रदेश)। ग्वालियर शहर के लिए गर्व का क्षण तब आया जब दिव्यांग खिलाड़ी रोहित सिंह ने पैरा आर्म रेसलिंग कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 60 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक और 70 किलोग्राम भार वर्ग में दो कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। उनकी यह ऐतिहासिक सफलता ग्वालियर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
तीन पदकों से किया देश का नाम रोशन:
रोहित सिंह की यह जीत केवल खेल के क्षेत्र में नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता को भी चुनौती देने वाली है। दिव्यांगता को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि आत्मविश्वास, कठोर परिश्रम और समर्पण के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है। पैरा आर्म रेसलिंग में तीन अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर रोहित ने भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सम्मान और प्रोत्साहन:
रोहित सिंह की अद्भुत उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें बधाई देते हुए ₹1,00,000 की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। साथ ही उन्होंने यह आश्वासन भी दिया है कि भविष्य में राज्य सरकार की ओर से रोहित को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “रोहित जैसे दिव्यांग खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।”
ग्वालियर का बढ़ता खेल सम्मान:
ग्वालियर शहर, जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, अब खेल जगत में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। रोहित सिंह जैसे खिलाड़ी यह साबित कर रहे हैं कि ग्वालियर अब पैरा खेलों के उभरते केंद्र के रूप में भी पहचाना जा रहा है।
समाज के लिए संदेश:
रोहित सिंह की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में लाने का एक सशक्त संदेश भी है। उनका यह सफर हमें सिखाता है कि सपनों की ऊंचाई तय करने के लिए शरीर नहीं, बल्कि संकल्प चाहिए।
निष्कर्ष:
रोहित सिंह की जीत, ग्वालियर और मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। पैरा आर्म रेसलिंग जैसे खेलों में राज्य से निकले दिव्यांग खिलाड़ी की यह उपलब्धि आने वाले समय में और भी कई युवाओं को प्रेरित करेगी। ग्वालियर को रोहित पर गर्व है!,





