
मास्टर प्लान, अवैध कॉलोनियों और डिजिटल भू-नक्शे पर हुई विस्तृत चर्चा
भोपाल, 4 जून। राजधानी भोपाल के समग्र विकास, शहरी नियोजन और वैध कॉलोनी विकास को लेकर बिल्डर्स संगठन CREDAI (क्रेडाई) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से मुलाकात की। बैठक में शहर के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही आगामी दिनों में आयोजित होने वाले एक विशेष सेमिनार की रूपरेखा और जिम्मेदारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज मीक ने कलेक्टर को संगठन की गतिविधियों तथा शहर में नियोजित कॉलोनियों और आवासीय परियोजनाओं के विकास में क्रेडाई की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भोपाल के सुव्यवस्थित विकास के लिए नया मास्टर प्लान लागू किया जाना समय की आवश्यकता है।
नया मास्टर प्लान नहीं होने से प्रभावित हो रहा नियोजित विकास
बैठक में क्रेडाई प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण उपयोगी भूमि उपयोग (Land Use) सीमित हो गया है। इसका असर वैध कॉलोनियों के विकास, अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं, संगठित डेवलपर्स और आम निवेशकों पर पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शहर की सीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सक्षम अनुमति के छोटे प्लॉटिंग प्रोजेक्ट, फार्म हाउस योजनाएं और अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में नागरिकों को सड़क, पेयजल, सीवेज, बिजली, उद्यान और कानूनी स्वामित्व से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने की मांग
क्रेडाई ने प्रशासन से मांग की कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों का विशेष सर्वे कराया जाए। इसके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम गठित कर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अवैध कॉलोनाइजेशन पर प्रभावी नियंत्रण से ही शहर का संतुलित और योजनाबद्ध विकास संभव हो सकेगा।
भोपाल विकास पर होगा संयुक्त सेमिनार
बैठक के दौरान शहर के भविष्य के विकास पर व्यापक चर्चा के लिए एक संयुक्त सेमिनार आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। प्रस्तावित सेमिनार में नगर निगम, स्मार्ट सिटी, नगरीय विकास विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, वन विभाग, राजस्व विभाग, जनगणना विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
इस मंच पर भोपाल के विकास, आधारभूत सुविधाओं, शहरी विस्तार, मास्टर प्लान, डिजिटल भू-नक्शा, मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
राजा भोज की विरासत और आधुनिक विकास को जोड़ने पर जोर
मनोज मीक ने कहा कि राजधानी भोपाल के विकास की रणनीति में मास्टर प्लान, वैध कॉलोनाइजेशन, डिजिटल भू-नक्शा, मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विस्तार और राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी की सकारात्मक पहचान और आधुनिक शहरी सुविधाओं को एक समग्र विकास एजेंडा के रूप में आगे बढ़ाना आवश्यक है।
बैठक में क्रेडाई के सचिव सुनील गुप्ता सहित शिवनव प्रधान, रौनक सहिता और आकाश झिंगन भी उपस्थित रहे।



