भोपाल, 20 अगस्त। राजधानी भोपाल की एयरोसिटी में देश के पश्चिमी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को नियंत्रित करने वाला अत्याधुनिक ‘कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स ऑफ वेस्टर्न रीजन’ विकसित किया जाएगा। ग्रिड-इंडिया लिमिटेड के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा किया जाएगा। इसे देश में अपनी तरह का पहला कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स बताया गया है।
प्रोजेक्ट को लेकर गुरुवार को संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में कमिश्नर कार्यालय में ग्रिड इंडिया लिमिटेड, बीडीए और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में कॉम्प्लेक्स के निर्माण और जरूरी अनुमतियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
305 करोड़ रुपये की लागत, दो साल में पूरा होगा काम
बैठक में बताया गया कि कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए बीडीए और ग्रिड इंडिया लिमिटेड के बीच ‘कांसेप्ट टू कम्प्लीशन’ एमओयू हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए भूमि का आवंटन भी किया जा चुका है। कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर करीब 305 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पश्चिमी क्षेत्र की बिजली ग्रिड होगी नियंत्रित
कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स के माध्यम से देश के पश्चिमी क्षेत्र की इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड की निगरानी और नियंत्रण किया जाएगा। आधुनिक तकनीक से तैयार होने वाले इस सेंटर से बिजली आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी, ग्रिड संचालन और आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
निर्माण प्रक्रिया में तेजी के निर्देश
बैठक में संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने निविदा आमंत्रण, भवन अनुज्ञा, पर्यावरणीय स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन और ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट का काम निर्बाध रूप से आगे बढ़े और निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में ग्रिड इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एम.के. रमेश, एस.एस. रघुवंशी, बीडीए के सीईओ श्याम वीर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
