20 नवंबर तक पूरी करनी होंगी सभी सरकारी अनुमतियां, दो साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
भोपाल, 13 अक्टूबर। भोपाल की एयरोसिटी में बनने वाले कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को 20 नवंबर तक सभी जरूरी सरकारी अनुमतियां पूरी करने और तय समयसीमा में निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा है। इस परियोजना पर करीब 305 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कॉम्प्लेक्स ग्रिड कंट्रोल ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड-इंडिया) के लिए बनाया जा रहा है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के इस सार्वजनिक उपक्रम के प्रस्तावित केंद्र से देश के पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड का नियंत्रण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह देश में अपनी तरह का पहला कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स होगा।
बीडीए करवा रहा निर्माण, ग्रिड-इंडिया से हुआ समझौता
परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को संभागायुक्त कार्यालय में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने की। बैठक में ग्रिड-इंडिया के कार्यकारी निदेशक एमके रमेश, भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के सीईओ श्याम वीर सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि कॉम्प्लेक्स का निर्माण बीडीए करवाएगा। इसके लिए ग्रिड-इंडिया के साथ ‘कॉन्सेप्ट टू कम्प्लीशन’ समझौता हो चुका है। परियोजना के लिए भूमि भी आवंटित की जा चुकी है। अब निर्माण से जुड़ी शेष प्रक्रियाएं पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।
भवन अनुमति से पर्यावरणीय स्वीकृति तक की प्रक्रिया तेज होगी
बैठक में निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने, भवन अनुज्ञा, पर्यावरणीय स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन और ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा पोल शिफ्टिंग का काम भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से लंबित प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा, ताकि परियोजना शुरू करने में देरी न हो।
पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड का होगा नियंत्रण
एयरोसिटी में प्रस्तावित यह केंद्र बिजली ग्रिड के संचालन और नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। यहां से देश के पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड को नियंत्रित किया जाएगा। करीब 305 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।परियोजना के लिए सभी अनुमतियां 20 नवंबर तक पूरी करना प्रशासन की तत्काल प्राथमिकता है। इसके बाद निर्माण कार्य को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने की योजना है।
