भोपाल में 700 आंगनवाड़ी केंद्र किराये के भवनों में, कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी को लगाई फटकार

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश- किराये की आंगनवाड़ियों को शासकीय स्कूलों में किया जाए शिफ्ट, जर्जर केंद्रों को जल्द खाली कराएं

भोपाल। जिले में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को लेकर सोमवार को आयोजित समय सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को फटकार लगाई। बैठक में समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले की करीब 2 हजार आंगनवाड़ियों में से केवल 34 केंद्र ही शासकीय स्कूलों के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में केंद्र अब भी किराये के भवनों में चल रहे हैं।

कलेक्टर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर शासकीय स्कूलों में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों की उपलब्धता के बावजूद किराये के भवनों में आंगनवाड़ी संचालन की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए।

700 आंगनवाड़ी केंद्र किराये के भवनों में

बैठक में बताया गया कि जिले में लगभग 2 हजार आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से करीब 700 केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं को देखते हुए स्थायी भवनों में संचालन पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।

उन्होंने जर्जर भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्काल चिन्हित कर खाली कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति न बने।

राजस्व मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

टीएल बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए कलेक्ट्रेट, तहसील और नजूल कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत आवेदनों की हर सप्ताह गंभीरता से समीक्षा की जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर लोगों के काम लंबित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

बारिश और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में बारिश के दौरान जलभराव और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में आपदा प्रबंधन टीम की सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ कार्य के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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