डिस्ट्रिक्ट एज एक्सपोर्ट हब पहल में देश के 120 जिलों में शामिल हुआ भोपाल, कलेक्टर ने क्लस्टर आधारित मॉडल तैयार करने के दिए निर्देश
भोपाल। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘डिस्ट्रिक्ट एज एक्सपोर्ट हब इनिशिएटिव’ के तहत देश के चयनित 120 जिलों में भोपाल का शामिल होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर ने सोमवार को जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक में कहा कि इस अवसर को साकार करने के लिए प्रभावी रणनीति और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करना जरूरी है।
कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोपाल के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए।
निर्यात बढ़ाने के लिए बनेगा क्लस्टर आधारित मॉडल
कलेक्टर ने कहा कि जिले में नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के साथ ही वर्तमान निर्यातकों को तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ‘क्लस्टर आधारित मॉडल’ विकसित किया जाए, जिससे उद्यमियों को एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं, मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय और सुविधाजनक व्यवस्था से भोपाल के निर्यात क्षेत्र को नई गति मिल सकती है और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान मिल सकेगी।
ई-कॉमर्स समिट में 100 से अधिक हितधारकों को जोड़ने के निर्देश
बैठक में आगामी ई-कॉमर्स समिट की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिट में 100 से अधिक सक्रिय हितधारकों और प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने , , और (DGFT) जैसी संस्थाओं की निर्यात संवर्धन योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं और नीतियों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए।
निर्यातकों की समस्याओं के समाधान पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि निर्यातकों को आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है। इसके लिए आगामी बैठक में ‘उद्यम मित्रों’ को विशेष रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निर्यात प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों और जमीनी स्तर की समस्याओं को सीधे समझकर विभिन्न विभागों के समन्वय से उनका स्थायी समाधान किया जाएगा।
डीजीएफटी ने प्रस्तुत किया जिला निर्यात कार्ययोजना का खाका
बैठक में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के संयुक्त निदेशक ने ‘डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान’ का प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने भोपाल जिले में निर्यात गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, अब तक की उपलब्धियों और आगे की रणनीति की जानकारी दी। बैठक में जिले के निर्यातकों, संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।