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जिला रजिस्ट्रार स्तर पर सत्यापन में देरी से 2020 से पहले के प्रमाण पत्र अटके

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया ठप, पुराने रिकॉर्ड के आवेदक परेशान

भोपाल। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पिछले पांच दिनों से प्रभावित होने से पुराने रिकॉर्ड को ऑनलाइन कराने वाले नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2020 से पहले जारी हुए जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया 12 जून से पूरी तरह रुक गई है, जिसके कारण पुराने प्रमाण पत्रों का डिजिटलीकरण और नए डिजिटल प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

दरअसल, केंद्र सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, दिल्ली द्वारा संचालित सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल के माध्यम से देशभर में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रमाण पत्रों में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और सभी रिकॉर्ड को एकीकृत डिजिटल प्रणाली में लाना है।

पुराने प्रमाण पत्रों के सत्यापन में आई बाधा

जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 से पहले जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को डिजिटल कराने के लिए नगर निगम द्वारा संबंधित दस्तावेजों को CRS पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। पहले इन दस्तावेजों का सत्यापन नगर निगम के रजिस्ट्रार स्तर पर ही किया जाता था, जिससे प्रक्रिया तेजी से पूरी हो जाती थी।

हालांकि, हाल ही में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जिला रजिस्ट्रार को सत्यापन का अधिकार दिए जाने के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब पुराने प्रमाण पत्रों के डिजिटलीकरण के लिए अपलोड किए गए दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन जिला रजिस्ट्रार द्वारा किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसी प्रक्रिया में देरी के कारण पिछले पांच दिनों से पुराने प्रमाण पत्रों का डिजिटलीकरण प्रभावित हो रहा है।

नगर निगम स्तर पर प्रक्रिया थी अधिक सुचारू

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पहले रजिस्ट्रार स्तर पर ही दस्तावेजों की जांच और सत्यापन होने से पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों को डिजिटल रिकॉर्ड में बदलने का काम लगातार चलता रहता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सत्यापन का अधिकार जिला स्तर पर जाने से प्रक्रिया धीमी हो गई है।

स्थिति यह है कि जिन लोगों ने अपने पुराने प्रमाण पत्रों को डिजिटल कराने के लिए आवेदन किया है, उन्हें अब सत्यापन पूरा होने का इंतजार करना पड़ रहा है।

जिला रजिस्ट्रार पर बढ़ा कार्यभार

सूत्रों के अनुसार वर्तमान में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा रमा खाका को जिला रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई है। वे विंध्याचल भवन में पदस्थ हैं और उनके पास जिला रजिस्ट्रार के साथ-साथ संयुक्त संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी है।

बताया जा रहा है कि एक साथ कई जिम्मेदारियां होने के कारण पंजीयन और सत्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

नागरिकों को हो रही परेशानी

पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटल नहीं होने से नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, संपत्ति संबंधी कार्यों, शैक्षणिक दस्तावेजों और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

अब लोगों की मांग है कि डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया को जल्द सुचारू किया जाए, ताकि लंबित प्रमाण पत्रों का निपटारा समय पर हो सके और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिले।

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