सांची की बौद्ध विरासत देख अभिभूत हुए BRICS डेलीगेट्स, बोले- यहां महसूस होता है शांति का संदेश

Sanchi News: रायसेन जिले के विश्व धरोहर स्थल सांची में शनिवार को BRICS देशों के 42 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला का अवलोकन किया। ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और रूस समेत विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ जम्बू द्वीप पार्क, संग्रहालय और बौद्ध स्तूप परिसर का भ्रमण किया। मध्यप्रदेश के संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र लोधी भी इस दौरान मौजूद रहे।

सांची पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का भारतीय परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा सहित अधिकारियों ने डेलीगेट्स की अगवानी की।

प्राचीन स्थापत्य और शिल्पकला ने खींचा ध्यान

BRICS प्रतिनिधियों ने मुख्य स्तूप, प्राचीन संरचनाओं, तोरण द्वारों, स्तंभों और पत्थरों पर उकेरी गई बारीक शिल्पकला को करीब से देखा। विशेषज्ञों और गाइड ने उन्हें सांची के इतिहास, बौद्ध धर्म के प्रसार और स्मारकों की स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी दी।

तोरण द्वारों पर बनी नक्काशी ने प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इनमें बौद्ध परंपराओं, जातक कथाओं, प्रकृति, पशु-पक्षियों और तत्कालीन सामाजिक जीवन से जुड़े दृश्य दिखाई देते हैं।

डेलीगेट्स को बताया गया कि सांची के बौद्ध स्मारकों का संबंध मौर्य सम्राट अशोक के काल से माना जाता है। इसके बाद सांची बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्रों में विकसित हुआ।

सांची को बताया शांति और आध्यात्मिकता का केंद्र

विदेशी प्रतिनिधियों ने सांची की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल प्राचीन स्थापत्य का उदाहरण नहीं है, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, अहिंसा, करुणा और मानवता के संदेश से भी जुड़ा हुआ है।

प्रतिनिधियों के लिए सांची की हजारों वर्ष पुरानी विरासत को प्रत्यक्ष देखना विशेष अनुभव रहा। उन्होंने परिसर में स्मारकों का अवलोकन करने के साथ तस्वीरें भी लीं।

लाइट एंड साउंड शो से जाना बौद्ध इतिहास

स्तूप परिसर के भ्रमण के बाद शाम को BRICS डेलीगेट्स ने लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। थ्री-डी प्रस्तुति के माध्यम से भगवान गौतम बुद्ध के जीवन, उनके त्याग, ज्ञान प्राप्ति, करुणा, शांति और मानवता के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

इस प्रस्तुति के जरिए प्रतिनिधियों को बौद्ध संस्कृति और सांची के ऐतिहासिक महत्व को एक अलग और आधुनिक माध्यम से समझने का अवसर मिला।

इस अवसर पर भोपाल संभागायुक्त करमवीर शर्मा, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक इलैया राजा टी, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अभय वेडेकर, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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