भोपाल। राजधानी भोपाल की बागसेवनिया थाना पुलिस ने किराये पर ली गई लग्जरी कारों को फर्जी तरीके से बेचने और गिरवी रखने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य के आठ चारपहिया वाहन बरामद किए हैं, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देश पर की गई। जांच का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त विकास शाहवाल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी तथा सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप कौल के मार्गदर्शन में किया गया।
किराये पर लीं गाड़ियां, फिर मालिक बनकर बेच डालीं
पुलिस जांच के अनुसार फरियादी सिद्धार्थ मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी और अन्य वाहन स्वामियों की कारें किराये पर लेने के बाद वापस नहीं की जा रही हैं। आरोपियों ने स्वयं को कार रेंटल कारोबार से जुड़ा बताकर विश्वास हासिल किया और शुरुआत में नियमित भुगतान कर भरोसा कायम किया।
इसके बाद आरोपियों ने कई वाहन किराये पर लिए और धीरे-धीरे उनका किराया देना बंद कर दिया। जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियां वापस मांगीं तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। जांच में पता चला कि किराये पर ली गई एक स्कॉर्पियो को छिंदवाड़ा में बेच भी दिया गया था।
भावनात्मक कहानियां गढ़कर करते थे सौदे
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड सैयद जमीर और शम्मी खान हैं। दोनों आरोपी विभिन्न रेंटल कंपनियों और वाहन मालिकों से कारें किराये पर लेते थे। बाद में अपने सहयोगियों को फर्जी वाहन स्वामी के रूप में प्रस्तुत कर वाहनों को गिरवी रखते या कम कीमत पर बेच देते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वाहन खरीदने या गिरवी रखने वाले लोगों के सामने खुद को असली मालिक साबित करने के लिए वीडियो और फोटो बनाते थे तथा मजबूरी और आर्थिक संकट जैसी कहानियां सुनाकर लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करते थे।
30 लाख रुपये की अतिरिक्त धोखाधड़ी का संदेह
विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि गिरोह ने मूल वाहन मालिकों की जानकारी के बिना कई गाड़ियों को गिरवी रखकर करीब 30 लाख रुपये की राशि भी प्राप्त की है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित मामलों और पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
ये वाहन हुए बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जिन वाहनों को बरामद किया है उनमें शामिल हैं—
महिंद्रा स्कॉर्पियो (दो वाहन)
महिंद्रा थार
महिंद्रा एक्सयूवी 300
होंडा सिटी
हुंडई वेन्यू
मारुति स्विफ्ट डिजायर
टाटा टियागो
बरामद सभी वाहनों का कुल बाजार मूल्य लगभग 1.10 करोड़ रुपये बताया गया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, चार की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने राहुल जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जिन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं उनमें सैयद जमीर खान, शम्मी खान, अनुराग माहेश्वरी और समीर खान शामिल हैं। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
बढ़ रहा है वाहन रेंटल फ्रॉड का खतरा
यह मामला वाहन रेंटल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी चेतावनी माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान, व्यवसायिक पृष्ठभूमि और दस्तावेजों का गहन सत्यापन आवश्यक है। डिजिटल अनुबंध, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित निगरानी जैसे उपाय ऐसे अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी वाहन खरीद-फरोख्त या गिरवी सौदे में असामान्य रूप से कम कीमत की पेशकश की जाए, तो उसकी वैधता की जांच अवश्य करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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