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सीहोर की रुद्रांश डेयरी पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 32 क्विंटल संदिग्ध पनीर जब्त

भोपाल, 20 अगस्त 2026। मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन के संभागीय उड़नदस्ता दल ने सीहोर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पचामा स्थित रुद्रांश डेयरी से 32 क्विंटल संदिग्ध पनीर जब्त किया है। जब्त पनीर की कीमत करीब 7 लाख 68 हजार रुपये बताई गई है। खाद्य विभाग ने पनीर की बिक्री पर जांच रिपोर्ट आने तक रोक लगा दी है।

यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। उनके निर्देश पर 19 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया पचमा-महोरिया स्थित रुद्रांश डेयरी का औचक निरीक्षण किया।

अस्वच्छ परिस्थितियों में बन रहा था पनीर

निरीक्षण के दौरान डेयरी में मानव उपयोग के लिए पनीर के साथ संदिग्ध एनालॉग पनीर के निर्माण और संग्रहण की जानकारी सामने आई। खाद्य विभाग के अनुसार पनीर निर्माण स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति खराब थी। परिसर में नमक और शक्कर सहित अन्य सामग्री भी मिली, जिन्हें पनीर निर्माण में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई।

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल का फर्श टूटा हुआ और नालियां खुली मिलीं। इससे खाद्य पदार्थ के दूषित होने की संभावना बताई गई। पनीर निर्माण स्थल के पास कर्मचारियों द्वारा गुटखा खाकर थूकने के प्रमाण भी पाए गए।

जरूरी दस्तावेज नहीं मिले

खाद्य विभाग के मुताबिक डेयरी संचालक आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इनमें कर्मचारियों के मेडिकल एग्जामिनेशन प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट और पानी की जांच रिपोर्ट शामिल हैं। टीम को बिल और अन्य दस्तावेजों से बड़ी मात्रा में पनीर तैयार कर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे जाने की जानकारी भी मिली।

छह तरह के नमूने जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के दौरान लो-फैट पनीर, खुला पनीर, नमक, शक्कर, मिक्स दूध और बिना लेबल वाले पैक्ड पनीर के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा

अस्वच्छ और अस्वास्थ्य परिस्थितियों में पनीर निर्माण पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डेयरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की है। संबंधित निर्माता के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। खाद्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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