अकबरपुर की सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग का आरोप, एनजीटी के आदेश के बावजूद पहाड़ी कटान; प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
टाइगर मूवमेंट एरिया में पेड़ों की कटाई और उत्खनन का विरोध, एसडीएम बोले- शुक्रवार को होगी कार्रवाई
भोपाल। राजधानी के कोलार क्षेत्र स्थित अकबरपुर गांव की पहाड़ी पर सरकारी भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग, पहाड़ी कटान और पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय रहवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने आरोप लगाया है कि टाइगर मूवमेंट एरिया में जेसीबी और पोकलेन मशीनों से पहाड़ी को समतल कर अवैध प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। मामले की शिकायत पुलिस, प्रशासन और कलेक्टर से की गई है।
यह मामला अकबरपुर ग्राम के सर्वे नंबर-3 से जुड़ा है। रहवासियों का दावा है कि यह शासकीय भूमि है, जहां बिना वैधानिक अनुमति बड़े पैमाने पर उत्खनन, पेड़ों की कटाई और भूमि समतलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भूमाफिया, बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों का गठजोड़ सक्रिय है।
पर्यावरण कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि इस भूमि को लेकर पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत की गई थी। उनके अनुसार, एनजीटी ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर शासकीय और निजी भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सीमांकन नहीं कराया गया और कथित उत्खनन जारी है।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व रिकॉर्ड (खसरा) में कथित छेड़छाड़ कर सरकारी भूमि को निजी भूमि दर्शाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से जांच कराने तथा संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
स्थानीय निवासी राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मास्टर प्लान के अनुसार आठ डिग्री से अधिक ढाल वाली पहाड़ियों पर निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद पहाड़ी काटकर प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में भूस्खलन, जल निकासी और सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं।
पर्यावरणविदों ने चिंता जताई कि यह क्षेत्र बाघों के आवागमन (टाइगर मूवमेंट एरिया) का हिस्सा माना जाता है। ऐसे में पहाड़ी और हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचने से वन्यजीवों के प्राकृतिक मार्ग, जैव विविधता और भू-जल संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दानिश हिल्स सेक्टर-3 और 5 के रहवासियों ने पूरे क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट घोषित कर अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने और व्यापक वृक्षारोपण कराने की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष
कोलार एसडीएम पी.सी. पांडे ने बताया कि मामले की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जांच के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष जनसुनवाई के कारण गुरुवार को कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन शुक्रवार को तहसीलदार और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बाघों के भ्रमण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग नहीं होने दी जाएगी।