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एम्स भोपाल में शुरू होंगी उन्नत नशा मुक्ति और आरटीएमएस सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य उपचार को मिलेगी नई दिशा

10 जुलाई से एडिक्शन मेडिसिन क्लिनिक और आधुनिक आरटीएमएस सुविधा का शुभारंभ, अवसाद और नशामुक्ति के मरीजों को मिलेगा लाभ

भोपाल। एम्स भोपाल का मनोरोग विभाग 10 जुलाई 2026 से उन्नत एडिक्शन मेडिसिन क्लिनिक और रिपेटिटिव ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (आरटीएमएस) सेवा की शुरुआत करेगा। इस पहल का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति उपचार को अधिक आधुनिक, प्रभावी और सुलभ बनाना है, जिससे मध्य प्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

उद्घाटन समारोह में एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन की प्रधान सचिव (सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण) सोनाली पोंकशे वायंगंकर, डीन (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता, उप निदेशक (प्रशासन) संदेश कुमार जैन सहित एम्स भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी और संकाय सदस्य मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) विजेंदर सिंह करेंगे, जबकि डॉ. तमोनुद मोदक आयोजन सचिव होंगे।

आरटीएमएस (Repetitive Transcranial Magnetic Stimulation) एक अत्याधुनिक और गैर-आक्रामक उपचार तकनीक है, जिसमें मस्तिष्क के विशेष भागों को चुंबकीय तरंगों के माध्यम से सक्रिय किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग अवसाद सहित विभिन्न मानसिक रोगों और नशामुक्ति उपचार में किया जाता है। इसमें किसी प्रकार की शल्यक्रिया की आवश्यकता नहीं होती और इसे सुरक्षित तथा प्रभावी उपचार विकल्प माना जाता है।

एम्स भोपाल के अनुसार, एडिक्शन मेडिसिन क्लिनिक और आरटीएमएस सेवा शुरू होने से मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति से जुड़ी समग्र सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श, आधुनिक उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

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