ऐशबाग आरओबी घोटाला: आठ इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई, डिज़ाइन कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसी हुईं ब्लैकलिस्ट

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्यप्रणाली और जवाबदेही की नीति के तहत भोपाल के ऐशबाग आरओबी निर्माण में हुई लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के आठ इंजीनियरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। वहीं निर्माण एजेंसी और डिज़ाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए थे
ऐशबाग आरओबी निर्माण में गंभीर तकनीकी त्रुटियों और गुणवत्ता में लापरवाही की शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं संज्ञान लिया और लोक निर्माण विभाग को विस्तृत जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया गया है।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई:
निलंबित इंजीनियरों की सूची:
मुख्य अभियंता (Chief Engineer):
श्री जी.पी. वर्मा
श्री संजय खांडे
कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer):
श्री जावेद शकील
श्रीमती शबाना रज्जाक (डिज़ाइन)
सहायक यंत्री (Assistant Engineer):
श्री शानुल सक्सेना (डिज़ाइन)
अनुभागीय अधिकारी:
श्री रवि शुक्ला
उपयंत्री:
श्री उमाशंकर मिश्रा
इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय जांच की शुरुआत:
सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री (Retired SE) श्री एम.पी. सिंह के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त अधिकारी भी जवाबदेही से नहीं बच सकते।
निर्माण एजेंसी और डिज़ाइन फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया
जांच में यह भी सामने आया कि आरओबी का डिज़ाइन त्रुटिपूर्ण और खतरनाक था, जिसकी वजह से भविष्य में दुर्घटना की आशंका बनी रहती।
इस कारण निर्माण एजेंसी और डिज़ाइन कंसल्टेंसी फर्म — दोनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि जनहित से खिलवाड़ करने वाले ठेकेदार और तकनीकी सलाहकार बख्शे नहीं जाएंगे।
मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “प्रदेश में किसी भी निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार, लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले ढांचों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।”





