भोपाल। मानसून की शुरुआत से पहले जिला प्रशासन ने संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समय-सीमा कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में स्थित सभी बंद पड़ी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, संवेदनशील जलाशयों की सुरक्षा तथा सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
बारिश में खतरा बन सकती हैं बंद खदानें
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से उन खदानों का मुद्दा उठाया जो खनन कार्य बंद होने के बाद बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के छोड़ दी गई हैं। प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान इन गहरी खदानों में बड़ी मात्रा में पानी भर सकता है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, पशुओं और विशेषकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी सभी खदानों का सर्वे कराया जाए और जहां आवश्यक हो वहां तार फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल किए जाएं। उनका कहना था कि किसी भी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले से प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर जताई नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान कई विभागों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया गया। विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण में देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
हूजूर तहसील से संबंधित राजस्व प्रकरणों में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिना उचित कारण शिकायतों को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने की प्रवृत्ति पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई।
12 से 18 जून तक लगेंगे विशेष कल्याणकारी शिविर
जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से 12 जून से 18 जून तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों का विभिन्न योजनाओं में पंजीयन कराया जाएगा। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए क्यूआर कोड आधारित पंजीयन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
इन शिविरों में प्रमुख रूप से निम्न योजनाओं पर फोकस रहेगा—
आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान वय वंदना योजना
पीएम सूर्य घर योजना
पीएम स्वनिधि योजना
लखपति दीदी अभियान
अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाएं
केरवा, कलियासोत और घोड़ा पछाड़ क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
मानसून के दौरान जलाशयों और पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि केरवा डैम, कलियासोत डैम और घोड़ा पछाड़ जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की अग्रिम समीक्षा की जाए। इन स्थानों पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आवश्यक निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के मामलों को प्राथमिकता
बैठक में सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि देश सेवा से जुड़े परिवारों को सरकारी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
मानसून पूर्व तैयारियों की होगी परीक्षा
जिला प्रशासन की यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। बंद खदानों की सुरक्षा, जलाशयों के आसपास सतर्कता, शिकायतों के त्वरित निराकरण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की वास्तविक परीक्षा साबित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्देशों का प्रभावी पालन हुआ तो संभावित हादसों को रोका जा सकता है और नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: बंद खदानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर कलेक्टर सख्त
