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ोपाल। यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ खान-पान उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने ट्रेनों में अनाधिकृत रूप से खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 18 से 20 अगस्त 2026 तक चले अभियान में पांच ट्रेनों की जांच की गई। इस दौरान 11 अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए और रेलवे अधिनियम की धारा 144 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अभियान सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के निर्देशन में चलाया गया। 18 अगस्त को दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस और हैदराबाद-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस में जांच के दौरान तीन अनाधिकृत वेंडर मिले। इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
स्पेशल ट्रेन में मिले चार वेंडर
19 अगस्त को हापा-नाहरलगुन स्पेशल ट्रेन की जांच के दौरान चार अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए। इन पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री उचित तरीके से पैक मिली। खाने से संबंधित किसी तरह की दुर्गंध या स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़ी कोई गंभीर कमी नहीं मिली।
इसी दिन हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भी तीन अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए। इनके खिलाफ छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बनारस-उधना एक्सप्रेस में एक वेंडर पकड़ा
20 अगस्त को बनारस-उधना एक्सप्रेस में जांच के दौरान एक अनाधिकृत वेंडर पकड़ा गया। उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 144 के तहत कार्रवाई करते हुए दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकृत स्टॉल से ही सामान खरीदने की अपील
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा कि भोपाल मंडल के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खान-पान व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। अनाधिकृत रूप से खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेंडरों और खान-पान स्टॉल से ही खाद्य सामग्री खरीदें। किसी अनाधिकृत वेंडर के दिखाई देने पर इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को देने की अपील की गई है।
