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अखिल भारतीय कलामंदिर भोपाल का 74वां वार्षिक अलंकरण सम्मान समारोह भव्यता से संपन्न

भोपाल, ।  साहित्य, संगीत और कला को समर्पित अखिल भारतीय कलामंदिर संस्था भोपाल का 74वां वार्षिक अलंकरण सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ हिंदी भवन, भोपाल में आयोजित हुआ। इस भव्य आयोजन में साहित्यकारों, कलाकारों और संगीतज्ञों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भगवानदास सबनानी, विशिष्ट अतिथि भोपाल महापौर मालती राय, सारस्वत अतिथि उल्हास तैलंग, और अध्यक्षता पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने की।

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर शर्मा ‘गौरीश’ ने स्वागत भाषण में संस्था की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। महापौर मालती राय ने भोपाल में साहित्यकार पार्क और सुसज्जित सामुदायिक भवन की स्थापना की घोषणा करते हुए साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।

सम्मानित विभूतियां

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित विभूतियों का सम्मान रहा:

साहित्य का शिखर सम्मान: यतींद्रनाथ राही

शास्त्रीय संगीत शिखर सम्मान: श्रीमती सुलेखा धारकर भट

नाट्य कला शिखर सम्मान: संजय मेहता

साहित्य भूषण सम्मान: रघुनंदन शर्मा

साहित्य कला निधि सम्मान: डॉ. नुसरत मेहदी

साहित्य कला साधक सम्मान: डॉ. मोहम्मद आजम


इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्मृति सम्मान भी प्रदान किए गए, जैसे स्व. रामनारायण ‘प्रदीप’ स्मृति साहित्य कला सम्मान, स्व. वागमल पवैया स्मृति साहित्य कला रत्न सम्मान, और अन्य।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने खासा आकर्षण जोड़ा।

शास्त्रीय गायन: सुलेखा धारकर भट, साथ में आकाशवाणी भोपाल के निदेशक राजेश भट।

नृत्य प्रस्तुति: सुरभि हम्बल और शौर्या श्रीवास्तव।

संचालन की कमान विमल भंडारी, विजय मनवानी, और जया केतकी ने संभाली।


स्मारिका विमोचन और घोषणाएं

कार्यक्रम के दौरान संस्था की वार्षिक स्मारिका ‘कला वीथिका’ का विमोचन हुआ। महाराष्ट्र बैंक के रीजनल मैनेजर ने साहित्यकारों के लिए विशेष बैंकिंग सुविधाओं की घोषणा की।

संस्था की भूमिका और आभार प्रदर्शन

संस्था के उपाध्यक्ष हरिवल्लभ शर्मा ‘हरि’ ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामंत्री अभिषेक जैन अबोध, कोषाध्यक्ष डॉ. आशीष भारती, और अन्य सदस्यों का अहम योगदान रहा।

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