मैनिट में दिखाया गया प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण, मंत्री टेटवाल बोले- युवाओं और उद्योगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर

भोपाल, 19 जून। राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। देशभर के 200 स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी और लाभार्थी शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और अपर केंद्रीय भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी शलभ दुबे, राशेान कश्यप, भविष्य निधि आयुक्त बसंत कुर्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम से पहले अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से रोजगार क्षेत्र में नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के आठ स्थानों से लगभग 3500 लाभार्थी नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित प्रधानमंत्री कार्यक्रम से सीधे जुड़े।

उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पिछले वर्षों में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पुराने 29 श्रम कानूनों को चार नई श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और उद्योगों को व्यापार सुगमता का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बीड़ी, सिनेमा और कोयला खदानों में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा एवं सहायता प्रदान की गई है। साथ ही श्रम मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण किया गया है।

3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सरकार की योजनाएं युवाओं, श्रमिकों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए 99,496 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत आगामी 31 जुलाई 2027 तक लगभग साढ़े तीन करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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