साइबर अपराध रोकने के लिए भोपाल के सभी थानों में तैनात होंगे 57 साइबर एक्सपर्ट पुलिसकर्मी

साइबर डेस्क के पुलिसकर्मियों को तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल साक्ष्य और ऑनलाइन ठगी की जांच सिखाई
भोपाल, 7 सितंबर 2026। बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए भोपाल पुलिस ने सभी थानों में साइबर जांच को मजबूत करने की तैयारी की है। नगरीय पुलिस भोपाल ने 57 आरक्षकों को साइबर क्राइम का विशेष प्रशिक्षण दिया है। इन्हें सभी थानों की साइबर डेस्क पर व्यावहारिक कार्य के लिए तैनात किया जाएगा। इससे साइबर अपराधों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने और पीड़ितों को मदद पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
इसी उद्देश्य से साइबर डेस्क में काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की गई है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
डिजिटल साक्ष्य जुटाने की दी गई जानकारी
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी है।
प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध के नए तरीकों, डिजिटल फॉरेंसिक, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण की जानकारी दी जा रही है।
डीसीपी क्राइम अखिल पटेल ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक जानकारी दी। एडिशनल डीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने साइबर ठगी के पीड़ित के थाने पहुंचने के बाद की जाने वाली शुरुआती कार्रवाई और पीड़ित से जरूरी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया समझाई।
पुलिसकर्मियों को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन, IP एड्रेस, URL और PSTN डेटा जैसी तकनीकी जानकारियों के उपयोग के बारे में भी बताया गया। गंभीर अपराधों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की पहचान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के तरीके भी समझाए गए।
सोशल मीडिया और बैंकिंग डेटा की जांच भी सिखाई
प्रशिक्षण के दौरान साइबर शिकायत को संबंधित पोर्टल पर दर्ज करने, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया बताई गई। इसके अलावा बैंक खातों की जानकारी, डाटा रिकवरी, CDR एनालिसिस, इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और रिमांड से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
साइबर लैब में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर, IP एड्रेस, सर्वर और इंटरनेट की कार्यप्रणाली तथा संबंधित कंपनियों से जांच के लिए डेटा प्राप्त करने की प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी भी दी गई।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह
भोपाल पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस के अनुसार लोगों को मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) सक्रिय करने और सुरक्षित वेबसाइट का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें और अनजान लिंक, ई-मेल या सॉफ्टवेयर पर क्लिक अथवा डाउनलोड न करें। बैंक और अन्य ऑनलाइन खातों की नियमित जांच करते रहें। किसी साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना देरी पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि थानों में प्रशिक्षित साइबर पुलिसकर्मियों की तैनाती से साइबर अपराध की शिकायतों पर शुरुआती स्तर पर ही बेहतर कार्रवाई और जांच को गति मिल सकेगी।





