बिना जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए बैठक निरस्त करने का आरोप, सदस्य विनय मेहर बोले- कलेक्टर से करेंगे शिकायत
भोपाल, 2 सितंबर। जिला पंचायत भोपाल में बुधवार दोपहर 3 बजे प्रस्तावित वन स्थायी समिति की बैठक में वन विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। बैठक के निर्धारित समय पर अधिकारियों के मौजूद नहीं होने से समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई। बाद में जानकारी मिली कि वन विभाग की ओर से बैठक निरस्त कर दी गई थी।
वन स्थायी समिति के सदस्य विनय मेहर ने बैठक निरस्त किए जाने को लेकर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों को बिना सूचना दिए बैठक को निरस्त करना उचित नहीं है।
साल में एक बैठक होने पर भी आपत्ति
विनय मेहर का कहना है कि वन स्थायी समिति की बैठक साल में केवल एक बार ही आयोजित हो पाती है, जबकि नियमों के अनुसार वर्ष में चार से पांच बैठकें होनी चाहिए। उनके मुताबिक समिति की बैठक आयोजित करने के लिए उन्होंने कई बार आग्रह किया था। इसके बाद वन विभाग की ओर से बुधवार को बैठक की तारीख तय की गई थी।
मेहर के अनुसार, बैठक के लिए विभाग ने पत्र भी जारी किया था, लेकिन बैठक निरस्त करने के संबंध में न तो कोई लिखित पत्र दिया गया और न ही उन्हें मौखिक रूप से इसकी जानकारी दी गई।
डीएफओ को भी दी जानकारी
समिति सदस्य मेहर ने बताया कि बैठक में वन विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने के मामले की जानकारी डीएफओ लोकप्रिय भारती को भी दी गई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को बैठक निरस्त होने की सूचना तक नहीं दी गई, जिससे समिति के सदस्यों में नाराजगी है।
मेहर ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा कि बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति और बिना सूचना बैठक निरस्त किए जाने के मामले को लेकर अब वह कलेक्टर से शिकायत करेंगे।
बैठकें नहीं होने से समिति की भूमिका पर सवाल
वन स्थायी समिति की बैठकों में वन विभाग से जुड़े कार्यों, योजनाओं और क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की जाती है। ऐसे में बैठक निर्धारित होने के बावजूद अधिकारियों के नहीं पहुंचने और बैठक निरस्त किए जाने से समिति के सदस्यों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, वन विभाग की ओर से बैठक निरस्त करने के कारण और अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
