भोपाल। शहर में गंदे पानी की समस्या को लेकर तमाम शिकायतों, जांचों और वाटर फिल्टर प्लांट के बार-बार निरीक्षण के बावजूद नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गुरुवार को नारियलखेड़ा के LIG सहित आसपास के कई इलाकों में रहवासियों के घरों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई होने की शिकायत सामने आई है।
रहवासियों का आरोप है कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा और दुर्गंधयुक्त है कि उसका उपयोग पीने तो दूर, घरेलू कामों में करना भी मुश्किल हो रहा है। इससे कॉलोनी के लोगों में नाराजगी है और वे दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
बार-बार निरीक्षण के बाद भी समस्या बरकरार
भोपाल में इससे पहले भी अलग-अलग इलाकों से दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। पानी की गुणवत्ता को लेकर जांच और वाटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण किए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। ऐसे में नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
समय पर जलकर-संपत्ति कर भरने वालों को भी परेशानी
रहवासियों का कहना है कि वे नगर निगम को समय पर संपत्ति कर और जलकर का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद यदि घरों में पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों ने निगम अधिकारियों से तत्काल क्षेत्र की पाइपलाइन और पानी के सैंपल की जांच कराने तथा समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इंदौर की घटना के बाद भी सवाल
दूषित पानी को लेकर इंदौर में सामने आई गंभीर घटना के बाद भी भोपाल में ऐसी शिकायतों का सामने आना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, नारियलखेड़ा में सप्लाई हुए पानी के कारण किसी बीमारी या नुकसान की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में पानी की गुणवत्ता की आधिकारिक जांच और नगर निगम की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
रहवासियों की मांग है कि नगर निगम तत्काल मौके पर टीम भेजकर पानी के सैंपल ले, पाइपलाइन की जांच करे और जब तक समस्या दूर नहीं होती तब तक प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक रूप से साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
