रोजीवे में समतलीकरण की आड़ में अवैध खनन, दोबारा जांच के बाद नोटिस जारी

भोपाल। हुजूर क्षेत्र के रोजीवे गांव में समतलीकरण की आड़ में कथित अवैध खनन के मामले में जिला खनिज विभाग ने दोबारा जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के आधार पर दो से तीन लोगों को वसूली संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। जिला खनिज अधिकारी मेहताब सिंह रावत के अनुसार अवैध खनन में शामिल लोगों से नियमानुसार राशि की वसूली की जाएगी।

जानकारी के अनुसार करीब दो महीने पहले रोजीवे गांव में निजी जमीन पर समतलीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर खुदाई किए जाने का मामला सामने आया था। जिला खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जांच के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को दो बार रिपोर्ट सौंपी थी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे और दोनों बार जांच रिपोर्ट खनिज विभाग को वापस कर दी गई थी। इसके बाद विभाग ने दोबारा जांच कर रिपोर्ट तैयार की और अब संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं।

40 हजार घनमीटर खुदाई का आरोप

बताया गया है कि रोजीवे गांव में स्थानीय किसान हरिचरण की करीब 15 एकड़ निजी भूमि पर जमीन समतलीकरण की अनुमति ली गई थी। आरोप है कि अनुमति की आड़ में पोकलेन मशीनों से करीब 40 हजार घनमीटर खुदाई कर कोपरा निकाला गया।

ग्रामीणों और विभागीय जांच से जुड़े दावों के अनुसार करीब दो महीने में लगभग 600 डंपरों के जरिए निकाली गई सामग्री को खुले बाजार में बेचने की बात सामने आई थी। मामले की जांच में शैलेंद्र भदौरिया और शेखर पंवार के नाम सामने आने की जानकारी दी गई है। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की गई।

करीब 40 लाख रुपये की पेनाल्टी का मामला

प्रारंभिक जांच में कथित अवैध खनन को लेकर करीब 40 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि अंतिम वसूली राशि विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

जिला खनिज अधिकारी मेहताब सिंह रावत के मुताबिक संबंधित लोगों को हाल ही में वसूली के नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग अब नोटिस के जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

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