भोपाल, 15 सितंबर. शहर के रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई. संबंधित जज के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. अब इस मामले की अगली तारीख बाद में तय होगी. इससे रहवासी क्षेत्रों में संचालित करीब 62,500 प्रतिष्ठानों को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है. सुप्रीम कोर्ट के अगस्त में दिए निर्देश के बाद नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस देना शुरू किया था. – 290 प्रतिष्ठानों को किया था सील
प्रतिष्ठानों में से लगभग 8500 को नोटिस दिए गए. इसके बाद निगम ने तीन दिन कार्रवाई करते हुए 290 प्रतिष्ठानों को सील किया था. व्यापारियों के विरोध और प्रदर्शन के बाद पिछले करीब 15 दिनों से सीलिंग की कार्रवाई रोक दी गई है.
-नगर निगम अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट
निगम के द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश कर चुका है. वहीं, मामले के याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने निगम की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए अपने दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं. उनका आरोप है कि निगम की कार्रवाई पूरी तरह से प्रभावी नहीं रही और जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, उनमें से कुछ दोबारा संचालित होने लगे.
रहवासी समितियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से भीड़, शोर और ट्रैफिक बढ़ रहा है. इससे सार्वजनिक शांति के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सडक़ हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है.
रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली
