रसूखदारों को बचाने के लिए निगम ने खोला भदभदा गेट?

केचमेंट में सीमांकन नहीं हो सका, अब एफटीएल के लिए प्रशासन को फिर करना होगा इंतजार
शनिवार को सर्वे को लेकर होगी बैठक, एफटीएल होने पर चिरायु अस्पताल समेत मैरिज गार्डन, गोडाउन और कई निर्माण आ सकते हैं केचमेंट की जद में
भोपाल, 4 सितंबर। बड़े तालाब के जलस्तर बढ़ने के बाद पानी की निकासी के लिए शुक्रवार को नगर निगम ने भदभदा के एक गेट को खोल दिया। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि बड़े तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) का ड्रोन सर्वे और गूगल इमेजिंग अभी तक नहीं हो सकी है। इसी सर्वे के आधार पर तालाब के वास्तविक केचमेंट क्षेत्र की सीमा तय की जानी है।
बड़े तालाब को मूल स्वरूप में लाने के लिए सांसद आलोक शर्मा लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। वहीं कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भी इस बार एफटीएल तय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही थी। एनजीटी के निर्देशों के तहत भी एफटीएल के आधार पर तालाब की सीमा तय करने और उसके बाद कार्रवाई की जानी है।
ऐसे में एफटीएल सर्वे से पहले भदभदा गेट खोले जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और तालाब के केचमेंट से अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे लोगों का आरोप है कि इससे केचमेंट क्षेत्र में आने वाले कई बड़े निर्माणों को राहत मिल सकती है।
मार्च में हुआ था सर्वे और सीमांकन
बड़े तालाब के केचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए मार्च 2026 में प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त सर्वे कराया था। इसमें प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए थे। सर्वे के बाद कई स्थानों पर सीमांकन और चिन्हांकन किया गया था।
इसके बाद कुछ स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू हुई, लेकिन कुछ लोगों ने सीमांकन और चिन्हांकन पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर के यहां शिकायत की। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई। प्रशासन एफटीएल होने का इंतजार करता रहा, ताकि पानी के वास्तविक स्तर के आधार पर तालाब की सीमा को अंतिम रूप दिया जा सके।
अब जब तालाब का जलस्तर एफटीएल के करीब पहुंचा, उससे पहले ही भदभदा गेट खोल दिया गया। ऐसे में प्रशासन को एक बार फिर एफटीएल होने और उसके आधार पर सर्वे का इंतजार करना पड़ेगा।
रसूखदारों को बचाने का लगाया आरोप
पर्यावरणविद राशिद नूर खान लंबे समय से बड़े तालाब के केचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि कलेक्टर और संबंधित नोडल अधिकारी को जानकारी दिए बिना भदभदा गेट खोला गया है, तो इससे रसूखदारों को फायदा पहुंचाने की आशंका पैदा होती है।
उनका कहना है कि एफटीएल के बाद ड्रोन सर्वे और गूगल इमेजिंग होती तो केचमेंट क्षेत्र में आने वाले चिरायु अस्पताल, मैरिज गार्डन, गोडाउन, कॉलेज, फार्म हाउस और बड़े मकानों की स्थिति स्पष्ट हो सकती थी। उनका आरोप है कि इनमें कई निर्माण प्रभावशाली लोगों से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों से केचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण बड़े तालाब को नुकसान हो रहा है। कई जगह सीवेज भी तालाब में पहुंच रहा है। यदि समय पर सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो तालाब के संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
शनिवार को होगी सर्वे को लेकर बैठक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और एनजीटी मामले के नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया ने बताया कि बड़े तालाब के एफटीएल के बाद सीमा निर्धारण के लिए ड्रोन सर्वे अभी नहीं हुआ है। इसके संबंध में शनिवार सुबह 9 बजे बैठक रखी गई है। इसमें सभी संबंधित सदस्य शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण ड्रोन सर्वे के लिए मौसम की स्थिति का आकलन करना जरूरी है। ड्रोन उड़ाने के लिए मौसम अनुकूल होना चाहिए। इसके अलावा एनजीटी के निर्देश के अनुसार निर्धारित जलस्तर पर सर्वे कराया जाना है। दोनों परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही ड्रोन सर्वे किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भदभदा गेट खोलने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। एफटीएल के आधार पर ड्रोन सर्वे कराने की तैयारी पहले से है और संबंधित टीम को अलर्ट रखा गया है।
कलेक्टर बोले- मुझे पहले सूचना नहीं दी गई
भदभदा गेट खोलने के संबंध में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि गेट खोलने से पहले उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई थी। उन्हें भी इसकी जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि बारिश हो रही है और गेट को दोबारा बंद किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि एफटीएल होने के बाद ड्रोन से वीडियोग्राफी और गूगल इमेज ली जाएगी। एनजीटी के आदेश का पालन किया जाएगा और इस बार केचमेंट क्षेत्र का सही सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में किसी रसूखदार को नहीं बचाया जाएगा।
निगम का दावा- एफटीएल पहुंचने पर खोला गेट
नगर निगम के जलकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि बड़े तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट पहुंच गया है, जिसे एफटीएल बताया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश होने के कारण पानी की निकासी के लिए भदभदा का गेट खोला गया।










