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रनिंग और ट्रैफिक कर्मचारियों की मांगों को लेकर WCRMS का धरना-प्रदर्शन

अशोक शर्मा के नेतृत्व में DRM कार्यालय के सामने जुटे सैकड़ों रेल कर्मचारी, अधिकांश मांगों पर प्रशासन ने सहमति जताई

भोपाल। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (WCRMS) के भोपाल मंडल के आह्वान पर सोमवार को रनिंग एवं ट्रैफिक कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर DRM कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री एवं NFIR के संयुक्त महामंत्री अशोक शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में भोपाल मंडल के विभिन्न डिपो से सैकड़ों रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

WCRMS के जोनल मीडिया हेड रोमेश चौबे ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने लंबे समय तक ड्यूटी, रनिंग रूम की व्यवस्था, PDD मामलों में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और छुट्टियों सहित कई समस्याओं को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों और आंदोलन के दबाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अधिकांश मांगों पर सहमति जताई है।

12 से 14 घंटे की ड्यूटी का मुद्दा प्रमुख

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में निर्धारित 9 घंटे की ड्यूटी के स्थान पर लगातार 12 से 14 घंटे तक ड्यूटी करवाने की व्यवस्था को बंद करना शामिल है। संघ ने मांग की कि कर्मचारियों को निर्धारित कार्य अवधि के अनुसार ड्यूटी दी जाए और पर्याप्त विश्राम सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा दो रनिंग रूम में कर्मचारियों को रोकने की प्रथा समाप्त करने, 3 घंटे से अधिक के PDD मामलों में बढ़ोतरी पर रोक लगाने और 10 घंटे की ड्यूटी के नाम पर एक ही कर्मचारी से कई गाड़ियों में कार्य लेने की व्यवस्था बंद करने की मांग की गई।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठाई आवाज

प्रदर्शन के दौरान बिना गार्ड की गाड़ी तथा Automatic Signal के उपयोग से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी उठाए गए। संघ ने मालगाड़ियों के लिए Automatic Signal को अनावश्यक रूप से पार्किंग सिग्नल की तरह इस्तेमाल करने की व्यवस्था बंद करने की मांग की। इसके साथ ही Jeep DEP के माध्यम से PDD बचाने की कार्यप्रणाली पर भी रोक लगाने की मांग की गई।

कर्मचारियों ने फोर्टनाइट ड्यूटी में 125 से 130 घंटे तक काम लेने और बाद में ओवरटाइम देकर मामले को समाप्त करने की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। पात्र कर्मचारियों को छुट्टियां नहीं मिलने और बंद की गई Private Sick व्यवस्था को दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी गई।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

महामंत्री अशोक शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने सभी मांगों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान नहीं किया, तो आने वाले समय में इससे बड़ा और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों के लिए संघ लगातार आवाज उठाता रहेगा।

धरना-प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष आरके शर्मा, संतोष चतुर्वेदी, रामराकेश चतुर्वेदी, रवि चौबे, पीपी मौर्य, आरके श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और रेलवे प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।

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