मास्टर प्लान-2047 पर छुट्टी के दिन भी आवेदन लेने की मांग, भोपाल को उद्योग और कार्गो हब दोनों बनाने की जरूरत

क्रेडाई बोला- 24 और 25 अक्टूबर को खुले रहें काउंटर, हर आपत्ति और सुझाव की मिले रसीद

भोपाल। भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप पर आपत्ति और सुझाव दर्ज कराने की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ क्रेडाई ने आवेदन प्रक्रिया को लेकर मांग उठाई है। क्रेडाई भोपाल ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से 24 और 25 अक्टूबर को अवकाश के दिन भी विशेष काउंटर खोलने और हर आवेदन की रसीद देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कार्यालय बंद रहने या ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी परेशानी के कारण किसी भी नागरिक की आपत्ति या सुझाव दर्ज होने से नहीं छूटना चाहिए।

क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक की ओर से संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल को इस संबंध में आवेदन भेजा गया है। संगठन के अनुसार, मास्टर प्लान पर नागरिकों, किसानों और विभिन्न संगठनों की ओर से आपत्तियां और सुझाव दिए जा रहे हैं। ऐसे में अंतिम दिनों में आवेदन जमा करने की व्यवस्था सुचारु रहना जरूरी है।

अंतिम तारीख और समय स्पष्ट करने की मांग

मध्यप्रदेश राजपत्र में 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित सूचना के अनुसार, योजना के प्रारूप पर आपत्ति और सुझाव देने के लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया गया है। क्रेडाई ने तारीखों की गणना और अवकाश की स्थिति को देखते हुए विभाग से लिखित रूप में स्पष्ट करने को कहा है कि कार्यालय, ईमेल और ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किस तारीख और समय तक स्वीकार किए जाएंगे।

संगठन ने 24 और 25 अक्टूबर को स्टाफ के साथ आवेदन काउंटर चालू रखने तथा उनका पता, समय और संपर्क अधिकारी की जानकारी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी करने की मांग की है।

आवेदन की पावती भी जरूरी

क्रेडाई ने कहा है कि आवेदन जमा करने पर मिलने वाली रसीद में तारीख, समय, आवक क्रमांक, संलग्न दस्तावेजों की संख्या और आवेदन लेने वाले अधिकारी का नाम व पद दर्ज होना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन के मामले में भी समय, आवेदन क्रमांक और भेजी गई फाइलों का विवरण उपलब्ध कराया जाए।

मनोज मीक के अनुसार, अंतिम दिनों में आवेदनों की संख्या बढ़ने से पोर्टल और ईमेल पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए सर्वर क्षमता, बैंडविड्थ, बैकअप और तकनीकी सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने साइबर सुरक्षा संबंधी हालिया चेतावनियों के संदर्भ में अधिकृत तकनीकी एजेंसी से आवश्यक जांच कराने का भी आग्रह किया है, ताकि सुरक्षा अपडेट या रखरखाव के दौरान आवेदन प्रक्रिया प्रभावित न हो।

क्रेडाई ने यह भी मांग की है कि यदि तकनीकी खराबी या कार्यालयीन व्यवस्था में रुकावट के कारण कोई व्यक्ति समय पर आवेदन जमा नहीं कर पाता है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सक्षम अधिकारी अतिरिक्त समय देने पर विचार करें और इसकी सूचना सार्वजनिक रूप से जारी करें। संगठन का कहना है कि भोपाल के भविष्य से जुड़ी विकास योजना में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है।

पांच महीने में 996.6 टन घरेलू हवाई माल की ढुलाई, इंदौर का आंकड़ा करीब 4.6 गुना

भोपाल में औद्योगिक विकास के साथ माल परिवहन की सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत पर क्रेडाई ने जोर दिया है। संगठन के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक का कहना है कि भोपाल को प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र बनाने के लिए औद्योगिक उत्पादन और माल ढुलाई की सुविधाओं का एक साथ विकास करना होगा। केवल कार्गो हब बनाने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए नियमित माल उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाइयों का विस्तार भी जरूरी है।

क्रेडाई की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राजा भोज विमानतल से अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 996.6 टन घरेलू हवाई माल की ढुलाई दर्ज की गई। इसी अवधि में इंदौर से 4553.8 टन घरेलू माल की ढुलाई हुई। इस तरह इंदौर का आंकड़ा भोपाल से करीब 4.6 गुना रहा।

हालांकि, हवाई माल की ढुलाई के आंकड़े से किसी शहर के कुल औद्योगिक उत्पादन का आकलन नहीं किया जा सकता, क्योंकि भारी माल का परिवहन मुख्य रूप से रेल और सड़क मार्ग से भी होता है।

लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थिति स्पष्ट करने की मांग

क्रेडाई के अनुसार, मध्यप्रदेश के निवेश पोर्टल पर भोपाल और इंदौर में बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स पार्क प्रस्तावित बताए गए हैं। वहीं, संगठन के अध्ययन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2026 को राज्यसभा में जिन 15 प्राथमिकता वाले लॉजिस्टिक्स पार्कों की स्थिति बताई, उनमें इंदौर का नाम क्रियान्वयनाधीन परियोजना के रूप में है, जबकि भोपाल का उल्लेख नहीं है।

क्रेडाई ने इस अंतर को स्पष्ट करने और भोपाल की प्रस्तावित परियोजना की जमीन, स्वीकृति तथा वित्तीय स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। राज्य और केंद्र की सूचियां अलग-अलग योजनाओं से संबंधित हो सकती हैं, इसलिए दोनों की स्थिति का मिलान जरूरी है।

मंडीदीप और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर

भोपाल विमानतल पर घरेलू कार्गो टर्मिनल वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। पश्चिम मध्य रेलवे की रिपोर्ट में मंडीदीप कंटेनर डिपो सहित माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख है। क्रेडाई का मानना है कि इन सुविधाओं को आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़कर माल परिवहन की लागत कम करने और कारोबार बढ़ाने के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

संगठन ने मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, तामोट, बुदनी और मोहासा-बाबई जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन, सहायक उद्योगों और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत बताई है।

पहले जरूरत का आकलन, फिर बड़ा निवेश

क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज मीक के अनुसार, उद्योगों को सस्ती और भरोसेमंद ढुलाई चाहिए, जबकि लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को नियमित माल की जरूरत होती है। इसलिए दोनों का विकास एक साथ होना चाहिए।

संगठन ने औद्योगिक विकास निगम, विमानतल प्राधिकरण, रेलवे और उद्योग संगठनों के संयुक्त अध्ययन का सुझाव दिया है। इसमें उपलब्ध औद्योगिक भूमि, बिजली, कुशल श्रमिक, माल के स्रोत और गंतव्य, परिवहन लागत तथा मौजूदा सुविधाओं की कमियों का आकलन किया जाना चाहिए।

क्रेडाई का कहना है कि भोपाल में बड़े लॉजिस्टिक्स टर्मिनल के निर्माण से पहले माल की वास्तविक मांग, निजी निवेश, पर्यावरणीय मंजूरी और संचालन लागत का अध्ययन किया जाए। इससे राजधानी में उद्योगों के विस्तार, माल परिवहन और रोजगार के अवसरों को एक-दूसरे से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

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