भोपाल सीलिंग पर हाईकोर्ट में 42 मामलों की सुनवाई

अरेरा कॉलोनी से बड़े तालाब तक के मुद्दे कोर्ट में उठे, 100 से ज्यादा प्रकरणों पर मंगलवार को भी सुनवाई
जबलपुर। भोपाल में आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और कथित अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई से जुड़े मामलों पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ में करीब 42 प्रकरणों की सुनवाई हुई। मामलों की संख्या 100 से अधिक होने के कारण शेष प्रकरणों पर मंगलवार दोपहर 2:30 बजे से सुनवाई जारी रहेगी।
सुनवाई के दौरान अरेरा कॉलोनी सहित भोपाल के अलग-अलग आवासीय क्षेत्रों में आवासीय भूखंडों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इनमें मॉल, शोरूम, शराब दुकान, पब, चाय-सुट्टा बार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी के अनुसार, इन गतिविधियों से जुड़े मामलों के अलावा बड़े तालाब और भोज वेटलैंड क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण से संबंधित विषय भी कोर्ट के समक्ष रखे गए।
तीन दिन में 190 प्रतिष्ठानों पर हुई थी कार्रवाई
नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी। शुरुआती तीन दिनों में करीब 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद सीलिंग अभियान फिलहाल रुक गया। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और रहवासियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सुनवाई
सीलिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई है। 5 अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों का हाईकोर्ट द्वारा जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भोपाल से जुड़े सभी प्रकरण न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सुने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर भोपाल के व्यापारियों और रहवासियों की नजर रहेगी।





