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भोपाल संभाग में 15,599 नामांतरण प्रकरण लंबित, लापरवाही पर तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही न हो : संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा

भोपाल, 7 सितंबर 2026। भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने राजस् प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

संभागायुक्त ने सोमवार को आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर कार्यालयीन कार्यों और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में अपर आयुक्त शिवराज सिंह वर्मा, संयुक्त आयुक्त विकास डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व भारती देवी मिश्रा सहित शाखा प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।

भोपाल में 15,599 नामांतरण प्रकरण लंबित

समीक्षा के दौरान सामने आया कि भोपाल जिले में 45,964 नामांतरण प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से 28,365 का निराकरण हो चुका है, जबकि 15,599 प्रकरण लंबित हैं। लंबित मामलों की संख्या पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

अन्य जिलों की स्थिति भी बैठक में सामने आई। रायसेन में 14,229 में से 12,734 प्रकरणों का निराकरण हुआ और 1,495 लंबित हैं। राजगढ़ में 20,263 में से 16,568 का निराकरण हुआ, जबकि 3,695 लंबित हैं। सीहोर में 15,402 में से 12,633 प्रकरण निराकृत किए गए और 2,769 लंबित हैं। विदिशा में 18,883 में से 15,022 प्रकरणों का निराकरण हुआ और 3,861 लंबित हैं।

भोपाल जिले में बंटवारे के 1,752 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें 1,199 का निराकरण हो चुका है और 553 मामले लंबित हैं।

समय-सीमा से बाहर के मामलों पर होगी कार्रवाई

संभागायुक्त ने उपायुक्त राजस्व को निर्देश दिए कि संभाग के सभी जिलों में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के समय-सीमा से बाहर चल रहे प्रकरणों की समीक्षा की जाए। लापरवाही बरतने वाले तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।

उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की और फोर्स क्लोज की गई शिकायतों के संबंध में संबंधित हितग्राहियों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति जानने के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस और ऑनलाइन मॉनीटरिंग पर जोर

कर्मवीर शर्मा ने कार्यालयीन कामकाज में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए 100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय लंबित मामलों को खत्म करने के लिए माइक्रो प्लानिंग और नियमित मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित करने को कहा।

संभाग के विकास कार्यों की नियमित ऑनलाइन समीक्षा करने और परिणाम आधारित कार्य प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

राजस्व रिकॉर्ड का होगा डिजिटाइजेशन

संभागायुक्त ने भोपाल संभाग के राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन के निर्देश दिए। रिकॉर्ड रूम में पुराने अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें प्लास्टिक बॉक्स में संरक्षित करने को भी कहा।

उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर नियमित मॉनीटरिंग करने और आमजन की शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करना ही सुशासन की आधारशिला है।

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