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भोपाल में 10 साल की विकास अनुमतियों की होगी जांच, हर जोन में 50 दुकानें सील करने के लिए होंगी चिह्नित

62,500 से अधिक संपत्तियां पहले से जांच के दायरे में, 8,264 नोटिस जारी; पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लेने वाले भवनों और मैरिज गार्डन की भी होगी जांच

भोपाल। शहर में भवन निर्माण की अनुमति से लेकर उसके वास्तविक उपयोग तक की जांच के लिए नगर निगम अब पिछले 10 साल का रिकॉर्ड खंगालेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि किस भवन को किस उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी, निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार हुआ या नहीं और भवन का इस्तेमाल तय नियमों के मुताबिक किया जा रहा है या नहीं। जिन भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद भी पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है, उनकी भी जांच की जाएगी। नगर निगम की यह कार्रवाई रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच के तहत की जा रही है। अब तक शहर की 62,500 से अधिक संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया जा चुका है। इनमें से 26 अगस्त तक 8,264 नोटिस जारी किए गए थे। अब निगम ने हर जोन में कम से कम 50 ऐसी दुकानों की पहचान करने की तैयारी की है, जिन्हें नियमों के तहत नियमित नहीं किया जा सकता और सील किया जा सकता है।

पुराने नक्शे और निर्माण अनुमतियों की जांच

नई कार्ययोजना में पिछले 10 वर्षों में जारी विकास अनुमतियों की समीक्षा की जाएगी। खास तौर पर उन भवनों की फाइलें निकाली जाएंगी, जिनमें अब तक पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ है। जांच में अनुमति के समय जमा नक्शे, निर्माण की स्थिति और भवन के मौजूदा उपयोग का मिलान किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि निर्माण और इस्तेमाल में नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।

हर जोन में 50 दुकानें और 150 अतिरिक्त नोटिस

नगर निगम ने प्रत्येक जोन में कम से कम 50 दुकानों को सील करने योग्य चिह्नित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बनी ऐसी दुकानें भी शामिल होंगी, जिन्हें मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार नियमित नहीं किया जा सकता। इसके अलावा अधिभोग परिवर्तन के मामलों में धारा 11 के तहत हर जोन में करीब 150 अतिरिक्त नोटिस जारी किए जाएंगे। सभी जोन में वैध और अवैध मैरिज गार्डन की भी पहचान की जाएगी।

नवंबर में नोटिस और सीलिंग की तैयारी

कार्ययोजना के अनुसार, 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक अतिरिक्त नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद 13 से 18 नवंबर के बीच सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित है। नगर निगम को 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अब तक की कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करना है। इसके लिए पुराने रिकॉर्ड की जांच और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

अब तक की कार्रवाई और आगे की तैयारी

– 62,500 से अधिक संपत्तियां जांच के दायरे में।
– 8,264 नोटिस 26 अगस्त तक जारी।
– करीब 190 प्रतिष्ठानों के मामलों में कार्रवाई दर्ज होने की रिपोर्ट।
– एक रिपोर्ट के अनुसार, 10 प्रतिष्ठान आधिकारिक रूप से सील।
– पिछले 10 साल की विकास अनुमतियों की जांच।
– हर जोन में 50 दुकानें सील करने योग्य चिह्नित होंगी।
– हर जोन में करीब 150 अतिरिक्त नोटिस जारी करने की तैयारी।
– 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक नोटिस जारी होंगे।
– 13 से 18 नवंबर तक सीलिंग प्रस्तावित।
– 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई का विवरण देना है।

इस पूरी कार्रवाई में यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि पहले जारी किए गए हजारों नोटिसों में कितने मामलों का निराकरण हुआ है और कितने प्रतिष्ठानों में अब भी नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं। पुरानी विकास अनुमतियों की जांच से निर्माण संबंधी अनियमितताओं की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।

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