भोपाल, 11 अगस्त 2026। न्यायिक और अभियोजन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए भोपाल एवं बैरसिया के अभियोजन अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अधिकारियों को अभियोजन की कार्यसंस्कृति और प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन मोड पर लाने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की मंशा के अनुरूप अभियोजन से जुड़ी कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों और विवेचना अधिकारियों के बीच मजबूत एवं पारदर्शी संवाद व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ऑनलाइन साझा हों प्रकरणों की जानकारी
कलेक्टर ने कहा कि आपराधिक मामलों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और अद्यतन जानकारियां अभियोजन एवं विवेचना अधिकारियों के बीच नियमित रूप से साझा की जाएं। इससे न्यायालय में चलने वाली कार्यवाहियों में तेजी लाने और मामलों के प्रभावी निस्तारण में मदद मिलेगी।
VC के जरिए नियमित संवाद पर जोर
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पंकज पांडे ने कहा कि प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विवेचना अधिकारियों और अभियोजन अधिकारियों के बीच नियमित चर्चा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बैठक से अधिकारियों का समय बचेगा और अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर होगा। इससे लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है।
बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट पीसी शाक्य, डिप्टी कलेक्टर रत्नेश श्रीवास्तव, जिला अभियोजन अधिकारी और सभी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने न्यायिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम उपयोग और बेहतर समन्वय के जरिए प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर चर्चा की।
