भोपाल। एम्स भोपाल के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. सूर्य बाली ने इंडोनेशिया के बाली में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय जनस्वास्थ्य सम्मेलन में किशोर स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए। सम्मेलन का आयोजन 5 से 7 अगस्त 2026 तक किया गया।
डॉ. सूर्य बाली ने मध्य प्रदेश के किशोरों में उनकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध या यौन गतिविधियों के लिए दबाव बनाए जाने और इसके पीछे मौजूद कारणों पर आधारित वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होंने मौखिक वैज्ञानिक सत्र में शोध के निष्कर्ष साझा किए।
किशोर स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर
अध्ययन में किशोरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहलुओं को रेखांकित किया गया। शोध के अनुसार, किशोरों को सुरक्षित रखने के लिए सही जानकारी, जागरूकता और समय पर सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। साथ ही, रोकथाम के लिए शोध आधारित रणनीतियां तैयार करने और किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्य प्रदेश में किए गए इस अध्ययन को विभिन्न देशों से आए जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला। सम्मेलन में शोध निष्कर्षों को प्रभावी स्वास्थ्य नीतियों और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल करने के महत्व पर भी चर्चा हुई।
वैज्ञानिक सत्र में सम्मान
शोध-पत्र प्रस्तुतीकरण के लिए डॉ. सूर्य बाली को वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्ष प्रो. अनिस एन. हाप्पी ने प्रस्तुति प्रमाण-पत्र प्रदान किया। सम्मेलन अध्यक्ष एवं सिटी यूनिवर्सिटी मलेशिया के चिकित्सा संकाय के परामर्शदाता कार्यकारी अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हेमतराम यादव ने भी डॉ. बाली को सम्मानित किया।
डॉ. बाली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच शोधकर्ताओं को अपने ज्ञान और अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजनों से विभिन्न देशों में किए जा रहे शोध और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए गए शोध को व्यापक जनस्वास्थ्य चर्चा तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
वैश्विक मंच पर एम्स भोपाल का शोध
सम्मेलन का विषय “सीमाओं से परे: स्थिरता, नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के माध्यम से जनस्वास्थ्य को आगे बढ़ाना” था। इसमें विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
डॉ. बाली की भागीदारी से एम्स भोपाल के शैक्षणिक और शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिला। साथ ही, मध्य प्रदेश में किशोर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर किए जा रहे शोध को वैश्विक विशेषज्ञों तक पहुंचाने और विभिन्न देशों के अनुभवों को समझने का अवसर भी मिला।
