नाबालिग से लैंगिक अपराध के मामले में आरोपी को 5 साल की सजा

कोर्ट ने 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया, पीड़िता को एक लाख रुपए प्रतिकर देने का आदेश

भोपाल। नाबालिग बालिका से लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी कुलदीप साहू को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के भविष्य को देखते हुए उसे एक लाख रुपए प्रतिकर देने का आदेश दिया है।

यह फैसला 17 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं पंद्रहवें अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने सुनाया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला और नवीन श्रीवास्तव ने पैरवी की।

पढ़ाई के बहाने कमरे में ले गया

अभियोजन के अनुसार, घटना 11 नवंबर 2024 की है। पीड़िता अपनी मां और भाई के साथ रहती थी। घटना के दिन उसकी मां और नानी बाहर गई थीं। शाम को लौटने पर मां ने बेटी को परेशान देखा। अगले दिन पूछने पर बालिका ने बताया कि शाम करीब चार बजे वह छत पर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला कुलदीप साहू उसे पढ़ाई की बात कहकर अपने कमरे में ले गया। कमरे में किसी अन्य व्यक्ति के नहीं होने पर आरोपी ने उसके साथ गलत हरकत की। बालिका ने शोर मचाया और आरोपी को धक्का देकर वहां से भाग गई।

डर के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। बाद में मां को घटना बताने पर 12 नवंबर 2024 को निशातपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 1014/2024 दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की आयु 12 वर्ष से कम थी। अब उसकी मृत्यु हो चुकी है। न्यायालय ने उसके भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक लाख रुपए प्रतिकर दिए जाने का आदेश भी पारित किया है।

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