सात दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो कार्यालय के सामने धरना देंगे: सदस्य विनय मेहर
भोपाल। जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक बुधवार को विकास कार्यों की समीक्षा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस के कारण चर्चा में रही। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर सदस्य विनय मेहर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा को चेतावनी दी कि सात दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे सीएमएचओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे।
बैरसिया की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सदस्यों ने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पा गुरु को हटाने का प्रस्ताव भी रखा। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। सीएमएचओ ने मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने का भरोसा दिलाया। करीब तीन घंटे चली बैठक में नल-जल योजना को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए।
70 प्रतिशत स्कूलों में शौचालय व्यवस्था पर सवाल
बैठक में शिक्षा और बिजली विभाग के अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि करीब 70 प्रतिशत स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था ठीक नहीं है। बिजली विभाग से गांवों में टूटे और लटकते बिजली तारों तथा केबल की कमी को लेकर भी सवाल किए गए।
फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने वर्षों से अधूरे पड़े पंचायत भवनों का निर्माण पूरा कराने की मांग की। ग्रामीणों की अंत्येष्टि के लिए वन विभाग से लकड़ी उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठा।
आधी रात की कार्रवाई पर सवाल
विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब चोरी का मामला नहीं था तो पुलिस के साथ आधी रात में कार्रवाई करने की जरूरत क्यों पड़ी। वन विभाग के एसडीओ मनमोहन सिंह जाटव ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सदस्य चंद्रेश राजपूत ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर अधिकारी गंभीरता से ध्यान नहीं देते हैं। इससे जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ रही है। बैठक में उपाध्यक्ष मोहन सिंह राजपूत सहित तीन सदस्य अनुपस्थित रहे।
इसी दिन फंदा जनपद पंचायत की बैठक में भी सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
