चार दशक पुराने भूखंड के मालिकाना हक पर विवाद, फर्जी रजिस्ट्री से कब्जे का आरोप

कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और पुलिस से शिकायत कर निर्माण रुकवाने और निष्पक्ष जांच की मांग
भोपाल। पद्मनाभ कॉलोनी में करीब 40 साल पहले खरीदे गए भूखंड के मालिकाना हक को लेकर विवाद सामने आया है। भूखंड क्रमांक सी-37 के संबंध में अजय कुमार ने फर्जी रजिस्ट्री और भवन निर्माण अनुमति के आधार पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और ऐशबाग थाना प्रभारी को शिकायत देकर मामले की जांच और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1987 में संगम सहकारी गृह निर्माण समिति से यह भूखंड खरीदा था। उनके पास इसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद रुचि सराफ, राकेश सराफ, हेमलता जैन और अनिल कुमार जैन ने कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूखंड का नामांतरण करा लिया।
अजय कुमार का आरोप है कि उन्होंने भूखंड पर एक कमरा बनवाकर ताला लगाया था। बाद में रुचि सराफ और हेमलता जैन ने ताला तुड़वाकर वहां एक महिला और पुरुष को रहने के लिए रख दिया।
दस्तावेजों में क्षेत्रफल अलग-अलग होने का दावा
शिकायत में रजिस्ट्री के दस्तावेज क्रमांक, पुस्तक क्रमांक, पृष्ठ संख्या और पंजीयन तारीख जैसी जानकारियां नहीं होने का दावा किया गया है। साथ ही अलग-अलग दस्तावेजों में भूखंड का क्षेत्रफल 2106 और 2260 वर्गफीट दर्ज होने की बात कही गई है।
अजय कुमार के मुताबिक, उन्होंने 10 अगस्त 2022 और 4 नवंबर 2023 को भी ऐशबाग थाने में शिकायत की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि विवादित रजिस्ट्री के आधार पर भवन निर्माण अनुमति लेने के साथ नगर निगम और राजस्व रिकॉर्ड में भी नामांतरण कराया गया है। उन्होंने मूल दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक मालिकाना हक तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





