कॉलोनी सेल से निजी कॉलोनियों के रहवासियों को राहत, कहीं 7 तो कहीं 12 साल बाद मिली सुविधा

भोपाल, 28 अगस्त। राजधानी की निजी कॉलोनियों में लंबे समय से पानी, सीवेज, सड़क, बिजली, पार्क और पजेशन जैसी समस्याओं से परेशान रहवासियों को अब राहत मिलने लगी है। करीब दो महीने पहले कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर गठित कॉलोनी सेल के बाद शिकायतों के निराकरण में तेजी आई है। सेल का प्रभारी एडीएम सुमित कुमार पांडे को बनाया गया है।

निजी कॉलोनियों में बिल्डर और कॉलोनाइजर द्वारा तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने से रहवासियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतें जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचने के बावजूद कई मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा था। कॉलोनी सेल बनने के बाद एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।

7 साल बाद शुरू हुआ नर्मदा जल

कोरल कासा कॉलोनी में करीब सात साल से लंबित नर्मदा जल की समस्या का समाधान कराकर जलापूर्ति शुरू कराई गई। वहीं पिंक सिटी कॉलोनी में दो परिवारों को करीब 12 साल बाद आवास का पजेशन दिलाया गया।

12 साल पुराना पजेशन विवाद सुलझा

जीएमवी अनंता फेज-1 में गोविंद दास वैष्णव के डुप्लेक्स नंबर-123 का पजेशन करीब 12 साल से लंबित था। एडीएम सुमित पांडे के स्थल निरीक्षण के बाद बिल्डर को जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए गए। पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद 12 अगस्त को पजेशन दिलाया गया।

सीमांकन के बाद पजेशन की प्रक्रिया शुरू

गायत्री गृह निर्माण सोसायटी में लंबे समय से चल रहे सीमांकन विवाद का भी समाधान किया गया। तहसीलदार गोविंदपुरा, राजस्व निरीक्षक और पटवारी की टीम ने स्थल का सीमांकन किया। इसके बाद रहवासियों को पजेशन दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

भविष्य मेट्रो सिटी की समस्याएं हुईं दूर

भविष्य मेट्रो सिटी कॉलोनी में सीवेज, साफ-सफाई, लिफ्ट संचालन और पानी की टंकी से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से लंबित थीं। कॉलोनी सेल ने बिल्डर के साथ बैठक कर अधूरे काम पूरे कराने के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन के बाद आवश्यक कार्य पूरे कराए गए और रहवासियों को राहत मिली।

RERA मामले में 13.60 लाख की राशि दिलाई

RERA के एक मामले में शिकायतकर्ता अंकिता सिन्हा को 12 लाख 99 हजार 619 रुपये और 60 हजार 631 रुपये, कुल 13 लाख 60 हजार 250 रुपये की लंबित प्रतिफल राशि चेक के माध्यम से दिलाई गई। राशि मिलने के बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।

गृह निर्माण सोसायटियों के चुनाव के निर्देश

कई गृह निर्माण सोसायटियों की प्रबंध समितियां भंग होने के कारण अध्यक्ष समेत अन्य पद रिक्त हैं। इनके चुनाव की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। रोहित, मंदाकिनी, सर्वजन, भेल अनुसूचित जनजाति और सर्वोदय गृह निर्माण सोसायटी में निर्वाचन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा सर्वजन गृह निर्माण सोसायटी, माय सिटी सहित अन्य कॉलोनियों में बिजली, सीवेज, साफ-सफाई, लिफ्ट, पानी की टंकी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों, सोसायटी पदाधिकारियों और बिल्डरों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की गई है।

लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, बिल्डरों की जवाबदेही तय

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि नागरिकों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। वहीं अधूरे विकास कार्य और अवैध कॉलोनियों से जुड़े बिल्डरों को नोटिस देकर कार्य पूरा करने और अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

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