भोपाल में आदतन ड्रग तस्कर पर PIT-NDPS Act के तहत कार्रवाई, 6 माह के लिए इंदौर जेल भेजा जाएगा

भोपाल, 28 अगस्त। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदतन ड्रग तस्कर विशाल उर्फ बद्दी केसवानी (28) के खिलाफ PIT-NDPS Act की धारा 3(1) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है। भोपाल संभाग आयुक्त के आदेश पर आरोपी को 6 माह के लिए केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध किया गया है।

चाय की दुकान से पकड़ा गया आरोपी

पुलिस के मुताबिक विशाल केसवानी निवासी लोहापीटा गली, सीहोर नाका, बैरागढ़ के खिलाफ पहले से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हैं। आरोपी पर वर्ष 2025 और 2026 में गांजा सहित मादक पदार्थों की तस्करी के मामले क्राइम ब्रांच में दर्ज किए गए थे।

पूर्व में कानूनी कार्रवाई और जमानत मिलने के बावजूद आरोपी के दोबारा मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली। लगातार गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने PIT-NDPS Act के तहत निरोध आदेश के लिए प्रकरण तैयार कर भोपाल संभाग आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया।

आदेश जारी होने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने उसे चिरायु अस्पताल के बाहर स्थित उसकी चाय की दुकान से पकड़ा। आरोपी को निरोध आदेश, उसके कारण और आधारों की जानकारी देकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई।

क्या है PIT-NDPS Act?

PIT-NDPS Act, 1988 मादक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए बनाया गया निवारक निरोध कानून है। इसके तहत आदतन या संगठित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन, संग्रहण अथवा ऐसी गतिविधियों को आर्थिक संरक्षण देने वाले व्यक्तियों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत निरुद्ध किया जा सकता है।

पुलिस के अनुसार, इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति के भविष्य में मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को देखते हुए ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना है। कानून में निर्धारित परिस्थितियों में अधिकतम एक वर्ष तक निरोध का प्रावधान है।

भोपाल पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों तथा उनके नेटवर्क की निगरानी जारी है। ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना देने के लिए भोपाल पुलिस ने 7049100785, नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 और मानस हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क करने की अपील की है।

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