केन-बेतवा परियोजना में रिश्वतखोरी का मामला सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल : पटवारी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 1321 विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की स्वतंत्र जांच की मांग की
भोपाल, 11 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद सरकार की मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पटवारी ने दावा किया कि एक विस्थापित से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। इसमें 30 हजार रुपये पहले लिए गए, जबकि 47 हजार रुपये लेते हुए एक पटवारी को लोकायुक्त ने पकड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया पारदर्शी है तो दस्तावेज और मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वत क्यों मांगी गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, केन-बेतवा परियोजना से जुड़े 1321 विस्थापित परिवारों के अधिकार और पूरी मुआवजा-पुनर्वास प्रक्रिया की जांच जरूरी है।
विधानसभा में दिए गए दावों पर भी सवाल
पटवारी ने कहा कि सरकार विधानसभा में Fresh Survey के बाद मुआवजा निर्धारण और पुनर्वास लाभ बांटने में किसी अनियमितता से इनकार कर चुकी है। अब लोकायुक्त की कार्रवाई सामने आने के बाद उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि 1321 विस्थापित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे और पुनर्वास लाभों की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पटवारी ने कहा कि विकास परियोजना के लिए विस्थापित होने वाले परिवारों को उनका अधिकार समय पर और बिना किसी भ्रष्टाचार के मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि मुआवजा-पुनर्वास व्यवस्था में भ्रष्टाचार की शिकायतों की स्वतंत्र जांच कब शुरू होगी।





