एम्स भोपाल में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा

नेत्रदान के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक, 6 सितंबर को राष्ट्रीय सीएमई का आयोजन

भोपाल, 27 अगस्त। एम्स भोपाल में 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। एम्स भोपाल का नेत्र बैंक और नेत्र विज्ञान विभाग हर वर्ष इस अभियान का आयोजन करता है। इस वर्ष पखवाड़े का आयोजन कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोतवाल (रि.) के नेतृत्व में किया जा रहा है।

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण के बारे में जागरूक करना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय नेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान से कॉर्निया की समस्या के कारण दृष्टिहीन व्यक्ति को फिर से देखने का अवसर मिल सकता है।

अस्पताल से गांव तक चलेगा जागरूकता अभियान

पखवाड़े के दौरान लोगों को नेत्रदान का संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एम्स की ओपीडी और आईपीडी में मरीजों, परिजनों और अन्य लोगों के लिए स्वास्थ्य वार्ताएं आयोजित होंगी। अस्पताल परिसर में पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे तथा पर्चों के माध्यम से भी जागरूकता संदेश दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र जांच शिविर लगाए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा और पुलिस लाइन में नेत्र जांच शिविर के साथ नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

विद्यार्थियों और नर्सिंग स्टाफ को भी किया जाएगा प्रशिक्षित

एमबीबीएस और नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें नेत्रदान के महत्व और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों और नर्सिंग अधिकारियों के लिए अस्पताल कॉर्निया पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम से संबंधित विशेष कक्षा भी होगी।

अभियान के तहत एम्स भोपाल से द्वार संख्या-3 तक नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा निकाली जाएगी। नुक्कड़ नाटक के जरिए भी लोगों को सरल भाषा में नेत्रदान का संदेश दिया जाएगा। दूरदर्शन और समाचार माध्यमों के जरिए भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

6 सितंबर को राष्ट्रीय सीएमई

पखवाड़े के दौरान 6 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सीएमई आयोजित होगी। इसमें देश के विशेषज्ञ नेत्रदान और नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा करेंगे। प्रमुख वक्ताओं में पद्मश्री प्रो. डॉ. जे.एस. टिटियाल, डॉ. रितु अरोड़ा और डॉ. राकेश शाक्य शामिल होंगे।

एम्स भोपाल ने लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने और परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की है। संस्थान का कहना है कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में फिर से रोशनी और उम्मीद ला सकता है।

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