एम्स भोपाल में छात्रों ने खुद पढ़ाया ‘ड्रग मेटाबॉलिज्म’ का पाठ

हाथ से बनाए डायग्राम से समझाया जटिल विषय, छात्र-नेतृत्व चर्चा बनी आकर्षण का केंद्र
भोपाल। एम्स भोपाल में चिकित्सा शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए पारंपरिक पढ़ाई के साथ छात्र-नेतृत्व वाली चर्चाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत द्वितीय वर्ष एमबीबीएस के फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रम में ‘ड्रग मेटाबॉलिज्म’ विषय पर छात्र-नेतृत्व चर्चा आयोजित की गई।
संस्थान में पारंपरिक कक्षा व्याख्यानों की संख्या कम कर स्मॉल ग्रुप लर्निंग (एसजीएल), ट्यूटोरियल और छात्र-नेतृत्व चर्चाओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में सक्रिय भागीदारी बढ़ाना और जटिल विषयों को आसान तरीके से समझाना है।
इस सत्र में 2025 बैच के छात्रों को छोटे समूहों में बांटकर विषय पर चर्चा कराई गई। इसके बाद प्रत्येक समूह से एक छात्र का चयन किया गया, जिसने पूरी कक्षा के सामने ‘ड्रग मेटाबॉलिज्म’ की प्रक्रिया को समझाया। छात्र ने जटिल विषय को सरल भाषा और उदाहरणों के जरिए प्रस्तुत किया, जिससे अन्य छात्रों को भी इसे समझने में आसानी हुई।
हाथ से बनाया डायग्राम बना आकर्षण
इस प्रस्तुति में छात्र का हाथ से बनाया गया डायग्राम खास आकर्षण रहा। डिजिटल किताबों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में छात्र ने तैयार सामग्री पर निर्भर रहने के बजाय खुद एक सरल डायग्राम तैयार किया। बाद में इसी डायग्राम को पावरपॉइंट प्रस्तुति में शामिल कर पूरी कक्षा के सामने प्रदर्शित किया गया।
इस गतिविधि के माध्यम से छात्रों में विषय की समझ के साथ प्रस्तुति कौशल, रचनात्मकता और टीमवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया गया।





