ईडीआईआई में 8वां डॉ. वीजी पटेल स्मृति व्याख्यान, उद्यमिता और स्थानीय सामर्थ्य पर जोर

अहमदाबाद, 7 सितंबर। एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई) में 8वां डॉ. वी.जी. पटेल स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय ‘स्थानीय सामर्थ्य से राष्ट्रीय समृद्धि की ओर’ रहा। कार्यक्रम में उद्यमिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को राष्ट्रीय एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनर, एजुकेटर और मेंटर पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ लेडी एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया की अध्यक्ष रमा देवी कन्नेगंटी ने मुख्य व्याख्यान दिया। पी.पी. सवानी ग्रुप के चेयरपर्सन महेश सवानी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

डॉ. वीजी पटेल के योगदान को किया याद

ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने संस्थान के संस्थापक पद्मश्री डॉ. वी.जी. पटेल के उद्यमिता के क्षेत्र में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. पटेल ने उद्यमिता को एक व्यवस्थित और सीखे जा सकने वाले क्षेत्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि आज उद्यमिता को आर्थिक विकास के प्रमुख माध्यमों में माना जाता है। सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से देश में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। ईडीआईआई भी विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर उद्यमियों और उनकी नवाचार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।

घरेलू बाजार भारत की बड़ी ताकत

रमा देवी कन्नेगंटी ने कहा कि भारत के पास मजबूत घरेलू बाजार, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और बड़ी युवा आबादी जैसी ताकतें हैं। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहल उद्यमियों को नए अवसर दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गांवों और छोटे शहरों के कारोबार भी देशभर के ग्राहकों और वैश्विक बाजार तक पहुंच बना रहे हैं। उनके अनुसार, घरेलू क्षमता को मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल तकनीक, नवाचार और निर्यात से जोड़कर भारत विकास की नई संभावनाएं हासिल कर सकता है।

समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाएं उद्यमी

महेश सवानी ने कहा कि उद्यमिता व्यक्ति की क्षमताओं को सामने लाने के साथ संपदा निर्माण में भी मदद करती है। सफल उद्यमियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और जरूरतमंद क्षेत्रों में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निरंतर नवाचार और सामाजिक जरूरतों पर ध्यान देने से उद्यमी अपने कारोबार के साथ समाज के लिए भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने सही मूल्यों और नैतिकता के साथ उद्यमियों को तैयार करने के लिए ईडीआईआई के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनर, एजुकेटर और मेंटर पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

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