इंडोनेशिया से मामला पहुंचा भोपाल कलेक्टर की जनसुनवाई में, 9 साल पुराने RERA आदेश पर अब तक अमल नहीं

NRI ने प्रधानमंत्री तक लगाई गुहार, बिल्डर से जुड़े व्यक्ति पर भी लगाए आरोप

भोपाल। इंडोनेशिया में रह रहे एक NRI की करीब नौ साल पुरानी RERA शिकायत मंगलवार को भोपाल कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची। शिकायतकर्ता चंचल गुप्ता का कहना है कि 28 दिसंबर 2017 को RERA ने उनके पक्ष में आदेश जारी कर अतिरिक्त राशि लौटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद आदेश का पालन नहीं हो सका।

गुप्ता के मुताबिक उन्होंने विनायक ड्वेलिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ RERA में शिकायत की थी। सुनवाई के बाद उनके पक्ष में फैसला आया और अतिरिक्त राशि वापस करने के निर्देश दिए गए। उनका दावा है कि करीब नौ साल बीतने के बाद भी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हुआ है।

साल में एक बार भारत आते हैं NRI

चंचल गुप्ता ने शिकायत में बताया कि वह इंडोनेशिया में रहते हैं और NRI होने के कारण साल में सामान्यतः केवल एक बार भारत आ पाते हैं। उन्होंने भोपाल कलेक्टर और तहसीलदार कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के साथ लगातार पत्राचार भी किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

उनका कहना है कि अगले वर्ष RERA के आदेश को दस साल पूरे हो जाएंगे। गुप्ता ने मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी गुहार लगाने की बात कही है।

बिल्डर से जुड़े व्यक्ति पर भी आरोप

शिकायतकर्ता ने बिल्डर से जुड़े व्यक्ति संजय तिवारी का भी उल्लेख किया है। गुप्ता का आरोप है कि RERA में शिकायत के दौरान उनसे कथित तौर पर कहा गया था कि NRI होने के कारण वह अपनी राशि वापस नहीं ले पाएंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गुप्ता का कहना है कि लंबे समय से RERA आदेश लागू नहीं होने के कारण उन्हें अब यह कथन सही साबित होता नजर आ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आदेश का पालन कराकर अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

जनसुनवाई में जमीन-मकान से जुड़े कई मामले

मंगलवार की जनसुनवाई में RERA के अलावा जमीन, मकान और संपत्ति विवादों से जुड़े कई मामले भी सामने आए।

किरायेदार से मकान खाली कराने की मांग

अफकार कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग ने अपना मकान किरायेदार से खाली कराने की मांग की। शिकायत के अनुसार मकान वर्ष 2017 में किराये पर दिया गया था। शुरुआत में किराया 600 रुपए और बाद में 1000 रुपए प्रतिमाह किया गया। शिकायतकर्ता ने जुलाई 2026 तक करीब 1.15 लाख रुपए किराया बकाया होने का दावा किया है।

कृषि भूमि पर प्लॉटिंग का आरोप

मुंगालिया कोर्ट क्षेत्र की करीब 0.8090 हेक्टेयर कृषि भूमि पर बिना डायवर्सन और अनुमति के 600-600 वर्गफीट के प्लॉट काटकर बेचने का आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से जमीन की जांच कर कथित अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाने की मांग की है।

कोर्ट में मामला, फिर भी नामांतरण का आरोप

ग्राम अमोनी की खसरा नंबर 101 से 106 तक की जमीन से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता हरिनारायण ने आरोप लगाया कि जमीन का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद नामांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

RERA आदेश के बाद भी फ्लैट-दुकानों की नीलामी अटकी

एम्पायर हार्मनी प्रोजेक्ट से जुड़े एक मामले में सात फ्लैटों की नीलामी कर बकाया राशि वसूलने की मांग की गई। वहीं, दूसरे मामले में करीब 8.65 लाख रुपए की वसूली के लिए कुर्क की गई दो दुकानों की नीलामी नहीं होने की शिकायत की गई। शिकायत के अनुसार दोनों दुकानों का ऑफसेट प्राइस करीब 12.82 लाख रुपए है।

जमीन विवाद में बंदूक से धमकाने का आरोप

ग्राम चांदपुर निवासी गीता बाई ने जमीन विवाद में सरपंच के पति पर बंदूक से धमकाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार जुलाई में पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने परिवार की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग प्रशासन से की है।

जनसुनवाई में सामने आए मामलों में प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, सभी मामलों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

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