अम्बेडकर सेतु की मरम्मत का पूरा खर्च ठेकेदार से वसूलेगा PWD

4.69 करोड़ की निविदा, लागत के साथ 20% क्षतिपूर्ति भी वसूली जाएगी; हाईकोर्ट ने ठेकेदार को सभी खामियां दूर करने के दिए निर्देश
भोपाल, 5 सितंबर 2026। भोपाल के अम्बेडकर सेतु (फ्लाईओवर) की मरम्मत और संधारण को लेकर लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसका पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार संस्था से वसूला जाएगा। विभाग के अनुसार मरम्मत की वास्तविक लागत के साथ 20 प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि भी ठेकेदार से ली जाएगी। विभाग पर इस कार्य के लिए कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
विभाग ने बताया कि गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक बने फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य अनुबंध की शर्तों के तहत ठेकेदार संस्था मेसर्स वी.के.एस.सी. इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड, भोपाल के जिम्मे है।
31 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ था निर्माण
अम्बेडकर सेतु का निर्माण 31 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ था। अनुबंध के अनुसार इसकी दोष दायित्व अवधि (DLP) 30 दिसंबर 2029 तक है। इस अवधि में निर्माण अथवा संधारण से जुड़ी कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
फ्लाईओवर के निर्माण के बाद बियरिंग कोट में खराबी सामने आई थी। ठेकेदार संस्था ने इसका सुधार कराया था। हालांकि वर्षाकाल में बियरिंग कोट में दोबारा खराबी के साथ फ्लाईओवर के संधारण से जुड़ी अन्य कमियां भी सामने आईं।
ड्रेनेज सिस्टम में मिली खामियां
विभाग के निरीक्षण में फ्लाईओवर के ड्रेनेज स्पाउट और रेनवॉटर डाउनटेक पाइप चोक और क्षतिग्रस्त मिले। इससे वर्षाजल की निकासी प्रभावित हुई और कुछ स्थानों पर पानी सीधे सड़क पर गिरता पाया गया।
इसके अलावा एक्सपेंशन जॉइंट से पानी का रिसाव, फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड पर जलभराव, गड्ढे और पानी रुकने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। विभाग ने इन कमियों को सूचीबद्ध कर ठेकेदार को सुधार के निर्देश दिए।
15 दिन में सुधार नहीं करने पर विभाग ने उठाया कदम
लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार संस्था को 31 जुलाई 2026 और फिर 11 अगस्त 2026 को सुधार एवं संधारण कार्य कराने के निर्देश दिए थे। अनुबंध के अनुसार ठेकेदार को 15 दिन में कमियां दूर करनी थीं, लेकिन निर्धारित समय में सभी जरूरी सुधार पूरे नहीं किए गए।
विभाग के मुताबिक अनुबंध में यह प्रावधान है कि समय पर सुधार नहीं होने पर विभाग संबंधित कार्य ठेकेदार के हर्जे-खर्चे पर करा सकता है। इसके तहत वास्तविक लागत के अलावा लागत की 20 प्रतिशत क्षतिपूर्ति भी वसूली जा सकती है।
4.69 करोड़ की निविदा, विभाग पर अतिरिक्त भार नहीं
इसी प्रावधान के तहत अम्बेडकर सेतु की खामियां दूर करने के लिए विभाग ने 4.69 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की थी। विभाग का कहना है कि इस कार्य के लिए कोई अलग बजट या अतिरिक्त राशि स्वीकृत नहीं की गई है।
डीएलपी अवधि के दौरान ठेकेदार की परफॉर्मेंस गारंटी की बैंक गारंटी विभाग के पास जमा रहती है। विभाग के अनुसार संधारण कार्य इसी परफॉर्मेंस गारंटी की राशि जब्त कर कराने का प्रावधान है।
हाईकोर्ट ने ठेकेदार को कमियां दूर करने के दिए निर्देश
ठेकेदार संस्था ने फ्लाईओवर पर कुछ आंशिक सुधार कार्य किए। इसके साथ ही विभाग की नई निविदा प्रक्रिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने फिलहाल विभाग की नई निविदा प्रक्रिया पर स्थगन दिया है।
साथ ही न्यायालय ने ठेकेदार संस्था को फ्लाईओवर की सभी कमियां दूर करने और किए गए सुधार कार्यों का पालन प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ब्लैकलिस्टिंग का नोटिस भी जारी
संधारण कार्य में लापरवाही के मामले में लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार संस्था के पंजीयन को काली सूची में दर्ज करने के संबंध में 11 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विभाग के अनुसार ठेकेदार संस्था ने नोटिस का जवाब दे दिया है, जिसका फिलहाल विभागीय स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है।
विभाग ने कहा है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और खराब या गुणवत्ताहीन कार्य करने वाली एजेंसी के खिलाफ अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।





